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दिव्या पाहुजा का सातवां गुनहगार गिरफ्तार, 50 हजार ईनामी रवि बंगा जयपुर से अरेस्ट, अब खुलेगा राज

Divya Pahuja Murder Case: दिव्या पाहुजा मर्डर केस में मुख्य आरोपी अभिजीत सिंह समेत उसके कई साथी को गुरुग्राम पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। अब इस केस में अब सातवीं गिरफ्तारी हुई है।

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Divya Pahuja Murder Case: गुरुग्राम की पूर्व मॉडल और मारे गए गैंगस्टर संदीप गाडोली की प्रेमिका दिव्या पाहुजा की हत्या के मामले में गुरुग्राम पुलिस की एक टीम ने शुक्रवार को फरार आरोपी रवि बंगा को राजस्थान के जयपुर में गिरफ्तार कर लिया। पुलिस को उम्मीद है की इसकी गिरफ्तारी के बाद बड़ा राज खुलेगा। एसीपी वरुण दहिया ने कहा, "आरोपी को पूछताछ के लिए तीन दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया है।" बंगा 2 जनवरी से फरार है। गुरुग्राम पुलिस ने उसके खिलाफ 50,000 रुपये का इनाम घोषित किया था। 27 वर्षीय दिव्या पाहुजा की 2 जनवरी को होटल सिटी प्वाइंट के मालिक अभिजीत सिंह ने कथित तौर पर सिर में गोली मारकर हत्या कर दी थी, जब वह उसी होटल में रह रही थी।

जानिए मामला

पुलिस ने बताया कि दिव्या और अभिजीत एक रिश्ते में थे और अभिजीत ने गुस्से में आकर महिला की हत्या कर दी, क्योंकि उसने अपने मोबाइल फोन से उसकी कुछ आपत्तिजनक तस्वीरें हटाने से इनकार कर दिया था। अपनी गिरफ्तारी के बाद अभिजीत ने पुलिस को बताया कि दिव्या भी उसे ब्लैकमेल कर रही थी और उससे पैसे वसूल रही थी। 2 जनवरी को हुई हत्या के बाद अभिजीत के दोस्तों बलराज और रवि ने दिव्या के शव को पटियाला में भाखड़ा नहर में फेंक दिया था, जिसे 13 जनवरी को हरियाणा के फतेहाबाद जिले के टोहाना में एक नहर से बरामद किया गया था।

सात लोगों को गिरफ्तार किया

जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि इस हत्याकांड में पंचकूला के सेक्टर-5 निवासी बलराज गिल और गुरुद्वारा रोड मॉडल टाउन, हिसार निवासी रवि बंगा शामिल थे। दिव्या की हत्या के मामले में पुलिस ने अब तक मुख्य आरोपी अभिजीत सिंह, उसके सहयोगी ओम प्रकाश, हेमराज, बलराज गिल, परवेश, रवि बंगा और एक महिला मेघा सहित सात लोगों को गिरफ्तार किया है। महिला ने दिव्या के दस्तावेज और निजी सामान छिपाने में अभिजीत की मदद की थी।

परिवार वालों ने क्या बताया

ओम प्रकाश और हेमराज ने अभिजीत को दिव्या के शव को बीएमडब्ल्यू कार में खींचने में मदद की थी। परवेश ने अभिजीत को हत्या के लिए हथियार मुहैया कराया था। दिव्या जेल में बंद गैंगस्टर बिंदर गुज्जर के जरिए अभिजीत के संपर्क में आई। बिंदर गुज्जर को 2016 में मुंबई में हुई गुरुग्राम पुलिस के साथ गैंगस्टर संदीप गाडोली की कथित फर्जी मुठभेड़ का मुख्य साजिशकर्ता माना जाता है। दिव्या इस मामले में मुख्य आरोपी थीं। बाद में उसे गैंगस्टर की हत्या के सिलसिले में गिरफ्तार कर लिया गया और उसने सात साल जेल में बिताए। उन्हें पिछले साल जून में बॉम्बे हाईकोर्ट ने जमानत दे दी थी। दिव्या के परिवार का आरोप है कि उसकी हत्या की साजिश अभिजीत के साथ मिलकर संदीप गाडोली के परिवार वालों ने रची थी।