
राघव चड्ढा(फोटो-ANI)
Raghav Chadha: आम आदमी पार्टी छोड़ने के बाद राज्यसभा सांसद और बीजेपी नेता राघव चड्ढा को बड़ी जिम्मेदारी दी गई है। राघव को राज्यसभा की याचिका समिति का नया अध्यक्ष बनाया गया है। राज्यसभा के सभापति और उप-राष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने समिति का पुनर्गठन करते हुए 10 सदस्यों को शामिल किया है। राघव चड्ढा को इस समिति की अध्यक्षता करने की जिम्मेदारी दी गई है। सभापति की तरफ से जारी यह आदेश 20 मई से लागू मानी जाएगी।
यह समिति जनता की याचिकाओं और जनहित से जुड़े मामलों पर विचार करती है। यह समिति सीधे तौर पर जनता से जुड़े मामलों और शिकायतों पर काम करती है। इसमें कई प्रकार के मुद्दे शामिल होते हैं। इस कमेटी का काम उन मुद्दों पर विचार करना और शिकायतों का निवारण करना होता है। याचिका समिति संसद की उन अहम समितियों में गिनी जाती है जो आम लोगों की तरफ से आने वाली याचिकाओं, शिकायतों और जनहित से जुड़े मुद्दों की जांच करती हैं। कई बार ऐसे मामलों पर यह समिति सरकार को सुझाव भी देती है।
इस 10 सदस्यीय समिति में कई अन्य सांसदों को भी शामिल किया गया है। इनमें हर्ष महाजन, गुलाम अली, शंभू शरण पटेल, मयंककुमार नायक, मस्तान राव यादव बीधा, जेबी माथेर हिशाम, सुभाशीष खुंटिया, रोंगवरा नारजारी और संदोष कुमार पी जैसे नाम शामिल हैं।
करीब एक महीने पहले ही आम आदमी पार्टी के 7 राज्यसभा सांसदों ने पार्टी छोड़ दी थी। इसमें राघव चड्ढा इस गुट का नेतृत्व कर रहे थे। राघव के अलावा हरभजन सिंह, राजेंद्र गुप्ता, विक्रम साहनी और स्वाति मालीवाल, संदीप पाठक, अशोक मित्तल पार्टी छोड़कर बीजेपी में शामिल हो गए थे। पार्टी छोड़ने के फैसले पर गंभीर आरोप लगाते हुए राघव चड्ढा ने कहा था कि आम आदमी पार्टी अपने मूल सिद्धांतों से पूरी तरह भटक गई हैं। अब आम आदमी पार्टी देशहित के लिए नहीं बल्कि अपने निजी फायदों के लिए काम कर रही है।
Updated on:
23 May 2026 03:10 pm
Published on:
23 May 2026 02:59 pm
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