
Tamil Nadu Labour Assault
Tamil Nadu Labour Assault: बिहार पुलिस ने तमिलनाडु में रह रहे बिहारियों के साथ हुई हिंसक घटनाओं की खबरों को पूरी तरह भ्रामक बताया है। पुलिस ने कहा कि लोगों में डर का माहौल बनाने के उद्देश्य से जानबूझकर यह अफवाह फैलाई गई। तमिलनाडु में बिहार मजदूरों की पिटाई को लेकर बिहार में सियासत गरमा गई है। विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने जहां इस मुद्दे को विधानसभा में उठाया था, वहीं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन से भी बात की थी। इसके बाद तमिलनाडु के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) ने वायरल वीडियो को फर्जी करार दिया था।
इस मामले को लेकर अब बिहार पुलिस हरकत में आ गई है। बिहार के मजदूरों पर तमिलनाडु में हमले के दावे के साथ सोशल मीडिया पर यह वीडियो पोस्ट करने के आरोप में बिहार पुलिस ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, बिहार पुलिस ने इस वीडियो को सोशल मीडिया पर पोस्ट करने के आरोप में जमुई के एक शख्स को गिरफ्तार किया है।
बिहार पुलिस ने एक बयान जारी कहा कि इस मामले में आर्थिक अपराध शाखा ने चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। इस मामले में जिन चार लोगों को चिन्हित किया गया है उनके नाम अमन कुमार, राकेश तिवारी, युवराज सिंह राजपूत और मनीष कश्यप हैं। अमन कुमार जमुई जिले के लक्ष्मीपुर के रहने वाले हैं।
एडीजी मुख्यालय जेएस गंगवार ने बताया कि ईओयू द्वारा आईपीसी और आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच की जा रही है। डीएसपी स्तर के अधिकारी को आईओ बनाया गया है। जांच में अब तक ऐसे कुल 30 वीडियो और सोशल मीडिया पोस्ट का बता चला हैं, जिनके जरिए अफवाह फैलाई गई।
एडीजी मुख्यालय ने इस घटना के बारे जानकारी देते हुए कहा कि गिरफ्तार आरोपी अमन कुमार के मोबाइल से कई आपत्तिजनक पोस्ट व सबूत पाए गए। इन सभी की जांच की जा रही है। पुलिस के अनुसार, मामले का दूसरा आरोपी युवराज सिंह राजपूत भोजपुर जिले के नारायणपुर थाने में दर्ज मामले में वांछित है। बताया जा रहा है कि छपरा जिले के मुबारकपुर की घटना में भी उनके द्वारा आपत्तिजनक पोस्ट करने के सबूत पाए गए।
Published on:
07 Mar 2023 10:15 am

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