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चंद्रयान-3 के बाद अब सूर्य मिशन से भी आई बड़ी खुशखबरी, ISRO ने दूसरी बार किया ये कारनामा

Aditya L1 Mission: सूर्य मिशन पर बड़ा अपडेट देते हुए इसरो ने कहा, ''आदित्य-एल1 पृथ्वी से 9.2 लाख किलोमीटर से अधिक की दूरी तय कर चुका है। अब यह सन-अर्थ लैग्रेंज प्वाइंट 1 (एल1) की ओर अपना रास्ता तलाश रहा है।''

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Aditya L1 Mission: Indian Space Research Organisation (ISRO) हर मिशन से जुड़ा अपडेट सोशल मीडिया प्लेटफार्म X पर साझा करता रहता है। अपने ताजा अपडेट में इसरो ने भारत के पहले सूर्य मिशन Aditya L1 को लेकर बहुत बड़ी खुशखबरी दी है। इसरो ने बताया कि अब उसका यान पृथ्वी के प्रभाव क्षेत्र से बिना कोई दिक्कत आए बाहर जा चुका है। इस अपडेट में इसरो ने यह भी बताया कि Aditya L1 ने पृथ्वी से 9.2 लाख किलोमीटर से अधिक की दूरी को तय कर लिया है।


ट्विट में क्या बताया

अंतरिक्ष यान पृथ्वी के प्रभाव क्षेत्र से सफलतापूर्वक बचकर, पृथ्वी से 9.2 लाख किलोमीटर से अधिक की दूरी तय कर चुका है। अब यह सन-अर्थ लैग्रेंज प्वाइंट 1 (एल1) की ओर अपना रास्ता तलाश रहा है। यह लगातार दूसरी बार है जब इसरो किसी अंतरिक्ष यान को पृथ्वी के प्रभाव क्षेत्र के बाहर भेज सका, पहली बार मंगल ऑर्बिटर मिशन।

क्या है लैंग्वेज प्वाइंट 1?

इसरो ने अगस्त महीने में चंद्रयान-3 के जरिए बहुत बड़ी सफलता हासिल किया था। इस मिशन के बाद इसरो ने सूर्य के बारे जानकारी जुटाने की ठानी थी, जिसको पूरा करने के लिए Aditya L1 मिशन को लॉन्च किया गया। Gms लैग्रेंज प्वाइंट वन लोकेशन उस स्थान को कहा जाता है जहां दो बड़े ऑब्जेक्ट की ग्रेविटी उनके बीच में मौजूद किसी छोटे ऑब्जेक्ट को थामे रखती हैं।

बता दें कि इस जगह पर यान को बहुत कम ईन्धन की जरूरत पड़ती है। इसरो ने बताया कि पृथ्वी और सूर्य के बीच पांच लैग्रेंज प्वाइंट हैं, जिसमें से लैग्रेंज प्वाइंट 1 काफी मायने रखता है, क्योंकि इस पॉइंट से बिना किसी परेशानी के सूर्य पर नजर रखी जा सकती है।