एआईयूडीएफ सांसद बदरुद्दीन अजमल के विवादित बयान पर विवाद बढ़ने के बाद उन्होंने माफी मांग ली है। हिंदू युबा- चतरा परिषद, असम ने हिंदू लड़कियों पर टिप्पणी को लेकर बदरुद्दीन अजमल के खिलाफ नौगांव सदर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है।
ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) सुप्रीमो और असम से लोकसभा सांसद बदरुद्दीन अजमल ने कथित रूप से हिंदू समुदाय को निशाना बनाने वाली अपनी टिप्पणी के लिए माफी मांगी है। सांसद बदरुद्दीन अजमल ने कहा है कि वह इसकी वजह से पैदा हुए विवाद से ‘शर्मिंदा’ हैं। उन्होंने शुक्रवार को हिंदुओं पर विवादित बयान देते हुए कहा था कि हिंदुओं को बच्चों के मामले में मुसलमानों का फॉर्मूला अपनाना चाहिए और बच्चों की कम उम्र में ही शादी कर देनी चाहिए। राज्य भर में उनके खिलाफ पुलिस शिकायतें दर्ज की गई हैं। अपने बयान पर बढ़ते विवाद को देखते हुए उन्होंने खेद जताया है।
एआईयूडीएफ प्रमुख बदरुद्दीन अजमल के बयान पर देशभर में जमकर हंगामा हो रहा है। हिंदू युबा चतरा परिषद, असम ने हिंदू लड़कियों पर टिप्पणी को लेकर बदरुद्दीन अजमल के खिलाफ नौगांव सदर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने मामले में जांच शुरू कर दी है। वहीं गुवाहाटी में उनका पुतला फूंका गया। तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने अजमल के बयान को लेकर उन पर भाजपा के साथ मिलीभगत का इल्जाम लगाया और गुवाहाटी में उनका पुतला फूंका गया।
लोकसभा सदस्य बदरुद्दीन अजमल ने कथित तौर पर हिंदू कम्युनिटि को निशाना बनाने वाले अपने बयान के लिए माफी मांगी। उन्होंने कहा कि वह इससे पैदा होने वाले तनाजे से शर्मिंदा हैं। हालांकि, उन्होंने कहा कि उनकी टिप्पणियों को तोड़ा-मरोड़ा गया है और उन्होंने किसी समुदाय को निशाना नहीं बनाया है। अजमल ने कहा कि कई हिंदू नेता रोजाना मुसलमानों के खिलाफ बोलते हैं, लेकिन हमने उनके खिलाफ मामला दर्ज नहीं किया है।
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आपको बात दें कि असम के करीमगंज में एक कार्यक्रम के दौरान बदरुद्दीन अजमल ने कहा, 40 साल के बाद उनमें बच्चा पैदा करने की क्षमता कहां रहती है। उन्हें मुसलमानों के फॉर्मूले को अपनाकर अपने बच्चों की 18-20 साल की उम्र में शादी करा देनी चाहिए। अजमल ने लव जिहाद को लेकर मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कथित तौर पर हिंदुओं को कम उम्र में शादी करके मुसलमानों की तरह ज्यादा बच्चे पैदा करने की सलाह दी थी।