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West Bengal SIR: अमेरिका में रह रहे अमर्त्य सेन को चुनाव आयोग का नोटिस, 16 जनवरी को कोलकाता में रहने के लिए कहा

चुनाव आयोग ने नोबेल पुरस्कार विजेता अमर्त्य सेन को पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के संबंध में नोटिस भेजा है। यह नोटिस उनके एन्यूमरेशन फॉर्म में तकनीकी गड़बड़ी के कारण भेजा गया है।

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नोबेल पुरस्कार विजेता अमर्त्य सेन। (फोटो- X/ SunainaSpeaks)

चुनाव आयोग ने अमेरिका में रह रहे नोबेल पुरस्कार विजेता अमर्त्य सेन को नोटिस भेजा है। यह नोटिस पश्चिम बंगाल में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से जुड़ा है।

अमर्त्य सेन पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले के बोलपुर विधानसभा क्षेत्र के रजिस्टर्ड मतदाता हैं। SIR प्रक्रिया के दौरान उनके एन्यूमरेशन फॉर्म में कुछ तकनीकी गड़बड़ियां मिली हैं। जिसको लेकर उन्हें नोटिस भेजा गया है।

16 जनवरी को कोलकाता में रहने की बात

नोटिस में सेन को 16 जनवरी को कोलकाता में रहने को कहा गया है। ताकि जरूरी दस्तावेज देखकर उनका नाम मतदाता सूची में बरकरार रखा जा सके। उधर, चुनाव आयोग ने भी मामले को पूरी तरह से स्पष्ट किया है।

चुनाव आयोग ने कहा है कि यह नोटिस इसलिए जारी किया गया क्योंकि डेटा एंट्री से गणना करने पर अमर्त्य सेन और उनकी मां अमिता सेन की उम्र का अंतर 15 साल से कम पाया गया है।

चचेरा भाई ने लिया नोटिस

अमर्त्य सेन के चचेरे भाई शांताभानु सेन ने अमेरिका में रह रहे अर्थशास्त्री की ओर से नोटिस लिया। शांताभानु सेन ने कहा- मेरे चचेरे भाई ने कई बार वोट डाला है। मुझे लगता है कि यह उन्हें परेशान करने के लिए भेजा गया है।

भले ही अमर्त्य सेन कई सालों से अमेरिका में रह रहे हैं, लेकिन वह भारतीय नागरिक हैं। अब चुनाव आयोग द्वारा भेजे गए नोटिस से बंगाल में बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। सीएम ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने इसे बड़ा मुद्दा बनाया है।

टीएमसी ने घेरा

TMC महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी ने कहा कि अमर्त्य सेन जैसे वैश्विक स्तर पर भारत का नाम रोशन करने वाले व्यक्ति को नोटिस भेजना 'शर्मनाक तमाशा और 'बंगाल का अपमान' है। उन्होंने चुनाव आयोग से माफी की मांग की।

ममता की पार्टी ने इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई करार दिया। हालांकि, BJP और चुनाव आयोग ने इन आरोपों को खारिज किया और कहा कि यह नियमित प्रक्रिया है। इसमें कोई भेदभाव नहीं हुआ है।

बंगाल में 14 फरवरी को जारी होगी नई वोटर लिस्ट

पश्चिम बंगाल में एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण किया जा रहा है। एसआईआर के दौरान कई गड़बड़ियां भी सामने आई हैं। जिसे हल करने के लिए चुनाव आयोग तेजी से काम कर रहा है।

इस प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची में नाम जोड़ने, संशोधन करने या आपत्तियां दर्ज कराने की अंतिम तिथि 15 जनवरी 2026 है।

इसके बाद, 7 फरवरी 2026 तक दावे-आपत्तियों का निपटारा और विशेष सत्यापन अभियान पूरा किया जाएगा और 14 फरवरी 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।