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देश में बाढ़ प्रबंधन की समीक्षा के लिए उच्चस्तरीय बैठक

- केन्द्रीय जल आयोग के बाढ़ निरीक्षण केन्द्र, आवश्यकता अनुरूप, अंतर्राष्ट्रीय स्तर के हों- अमित शाह - उत्तरपूर्व में 50 बड़े तालाब बनाकर ब्रह्मपुत्र नदी के पानी को डाइवर्ट करें, जिससे बाढ़ से निजात मिले, कृषि, सिंचाई,पर्यटन विकसित हों

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Amit Shah chairs high-level meeting to review flood management in the country

अनुराग मिश्रा। नई दिल्ली: केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बाढ़ प्रबंधन की पूरी तैयारियों की समीक्षा की। गृह मंत्री ने देश में बाढ़ की समस्या कम करने के लिए व्यापक, दूरगामी नीति तैयार करने के दीर्घकालिक उपायों की भी समीक्षा की।

बैठक के दौरान केन्द्रीय गृह मंत्री ने पिछले साल हुई बैठक में लिए गए निर्णयों पर हुई कार्रवाई की भी समीक्षा की। इसके साथ ही सभी एजेंसियों द्वारा अपनाई जा रही आधुनिक तकनीकों और उनके नेटवर्क के विस्तार पर भी बैठक के दौरान चर्चा हुई। ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड (GLOF) से निपटने की तैयारियों की भी समीक्षा हुई।

बाढ़ नियंत्रण के लिए भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) द्वारा उपलब्ध कराई गई सैटेलाइट इमेजिज़ के विभिन्न एजेसियों द्वारा अधिकतम इस्तेमाल पर भी बल दिया गया।


प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत का आपदा प्रबंधन जीरो कैजयुलिटी अप्रोच के साथ आगे बढ़ रहा है। गृह मंत्री ने सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को बाढ़ प्रबंधन के लिए एनडीएमए द्वारा जारी एडवाइज़री को समय पर लागू करने की अपील की। उन्होंने मौसम विभाग और केन्द्रीय जल आयोग को निर्देश दिया कि उन्हें वर्षा और बाढ़ चेतावनी में उपयोग होने वाले सभी उपकरणों को हर साल जाँचना चाहिए।

सिक्किम, मणिपुर में हाल ही में आई बाढ़ का अध्य्यन कर गृह मंत्रालय को रिपोर्ट देने के की बात कही गई। देश के सभी प्रमुख बांधों के फ्लडगेट्स के रख रखाव और जाँच परख ज़रूरी है।

शाह ने कहा कि उत्तरपूर्व में कम से कम 50 बड़े तालाब बनाकर ब्रह्मपुत्र नदी के पानी को डाइवर्ट करने की व्यवस्था हो, जिससे बाढ़ से निजात मिले और कृषि, सिंचाई व् पर्यटन विकसित हों। उन्होंने कहा किइससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी फायदा मिलेगा। बैठक में नियमित रूप से फायरलाइन बनाने, सूखे पत्तों को हटाने और स्थानीय निवासियों और वनकर्मियों के साथ समय-समय पर मॉक ड्रिल करने की ज़रूरत पर बल दिया गया।

एनडीएमए को जंगल में लगने वाली आग की घटनाओं से निपटने के लिए विस्तृत मैनुअल तैयार करने को भी कहा गया। बिजली गिरने को लेकर मौसम विभाग की चेतावनियों को एस एमएस, टीवी और एफएम रेडियो और अन्य माध्यमों से समय पर जनता तक पहुंचाने के लिए कहा गया।

बैठक में केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री सी आर पाटिल, गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय, केन्द्रीय गृह सचिव, नदी विकास और गंगा संरक्षण विभाग, पृथ्वी विज्ञान, पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालयों एवं विभागों के सचिव, रेलवे बोर्ड की अध्यक्ष, एडीएमए के सदस्य और विभागाध्यक्ष, एमडीआरएफ और आईएमडी के महानिदेशक, एनएचआई के अध्यक्ष अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।