राष्ट्रीय

मणिपुर : अमित शाह ने किया राहत शिविरों का दौरा, हिंसा प्रभावित लोगों के लिए बड़े ऐलान

Amit Shah Manipur Visit: गृह मंत्री अमित शाह ने मोरेह और कांगपोकपी का दौरा किया। उन्होंने नागरिक समाज संगठनों के साथ व्यापक विचार-विमर्श किया। उन्होंने सशस्त्र बदमाशों के खिलाफ हिंसा को रोकने के लिए कड़ी और त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए है।

2 min read
मणिपुर दौरे पर गृह मंत्री अमित शाह

Amit Shah Visit Imphal : मणिपुर में जारी हिंसा के बीच गृह मंत्री अमित शाह राज्‍य के दौरे पर हैं जहां शांति कायम करने के प्रयास किए जा रहे है। अमित शाह ने दौरे के तीसरे दिन मोरेह और कांगपोकपी का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने नागरिक संगठनों के साथ व्यापक विचार-विमर्श किया। गृह मंत्री शाह ने हिंसाग्रस्त पहाड़ी क्षेत्रों में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति में तेजी लाने को कहा है। चुराचांदपुर, मोरेह, कांगपोकपी में आपातकालीन जरूरतों के लिए हेलीकॉप्टर सेवा सुनिश्चित करने के लिए कहा है। गृह मंत्री ने कहा कि हमारा संकल्प मणिपुर को एक बार फिर से शांति और सद्भाव के रास्ते पर लाने और जल्द से जल्द अपने घरों में लौटने पर केंद्रित है।


राहत शिविरों का किया दौरा

अमित शाह ने बुधवार को कांगपोकपी में एक राहत शिविर का भी दौरा किया। इस दौरान उन्होंने कुकी समुदाय के सदस्यों से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि हम जल्द ही मणिपुर में शांति बहाल करने और उनके घरों में वापसी सुनिश्चित करने में जुटे हुए है। उन्होंने इंफाल में एक राहत शिविर का दौरा किया। गृह मंत्री ने कहा कि हमारा संकल्प मणिपुर को एक बार फिर से शांति और सद्भाव के रास्ते पर लाने का प्रयास है।

त्‍वरित कार्रवाई के लिए दिए निर्देश

इंफान में अमित शाह ने शीर्ष अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने सशस्त्र बदमाशों के खिलाफ हिंसा को रोकने के लिए कड़ी और त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए है। साथ ही सामान्य स्थिति वापस लाने के लिए लूटे गए हथियारों को बरामद करने को कहा है। अधिकारियों ने बताया कि संघर्ष में अब तक 80 लोग जान गंवा चुके हैं।

यह भी पढ़ें- मणिपुर हिंसा : मल्लिकार्जुन खरगे के नेतृत्व में कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रपति से मिला, आयोग गठन सहित रखीं 12 मांगे

मैतेई समुदाय ने तीन मई को किया था प्रदर्शन

आपको बता दें कि मणिपुर में ‘जनजातीय एकता मार्च’ के बाद पहली बार जातीय हिंसा भड़क उठी थी। अनुसूचित जाति (एसटी) के दर्जे की मांग को लेकर मैतेई समुदाय ने तीन मई को प्रदर्शन किया था। आरक्षित वन भूमि से कुकी ग्रामीणों को बेदखल करने को लेकर तनाव की वजह से पहले भी हिंसा की घटना देखने को मिली थी।

Updated on:
01 Jun 2023 06:52 am
Published on:
31 May 2023 11:01 pm
Also Read
View All

अगली खबर