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पुलिस अधिकारी की बर्बरता का वीडियो हुआ वायरल, तीन युवकों की पिटाई पर जांच के बाद सस्पेंड

पुलिस अधिकारी का तीन युवकों को पीटने का वीडियो जब सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, तो प्रशासन ने तत्काल संज्ञान लेते हुए आरोपी पुलिस अधिकारी को निलंबित कर दिया।

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भारत

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Siddharth Rai

May 27, 2025

वीडियो में एक पुलिस अधिकारी तीन लोगों को सड़क किनारे बैठाकर डंडों से बेरहमी से पीट रहा है। (Photo Courtesy: X/@AmbatiRambabu)

कुछ दिन पहले आंध्र प्रदेश पुलिस का एक ऐसा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसने सभी को हैरान कर दिया। इस वीडियो में एक पुलिस अधिकारी तीन लोगों को सड़क किनारे बैठाकर डंडों से बेरहमी से पीट रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि पुलिस अधिकारी कैसे युवकों के पैरों के तलवों में डंडे मार रहा है। इन तीनों युवकों की पहचान विक्टर, बाबूलाल और राकेश के रूप में हुई है। एक अन्य अधिकारी उनके पैरों को अपने पैर से दबाए हुए भी नजर आ रहा है, ताकि वे पिटाई के दौरान हिल न सकें।

वायरल वीडियो के बाद प्रशासन ने की सख्त कार्रवाई

यह वीडियो जब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, तो प्रशासन ने तत्काल संज्ञान लेते हुए आरोपी पुलिस अधिकारी को निलंबित कर दिया। अधिकारियों ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी गई है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने द हिंदू से कहा,
"कोई भी कस्टडी या सार्वजनिक हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उचित अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा रही है।"

YSR कांग्रेस के अंबाती रामबाबू ने जताया विरोध

यह वीडियो YSR कांग्रेस पार्टी के प्रवक्ता अंबाती रामबाबू ने साझा किया, जिन्होंने इस घटना की कड़ी निंदा की। उन्होंने नागरिक अधिकारों के उल्लंघन पर सवाल उठाते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, "अगर किसी ने कोई गलती भी की हो, तब भी पुलिस को उसे पीटने का अधिकार नहीं है। यह 'बाबू का राज' है, जहां नागरिकों के अधिकारों का कोई मूल्य नहीं बचा है। चलिए आगे बढ़ते हैं… न्याय की लड़ाई के लिए।"

क्या है पूरा मामला?

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ये तीनों पुरुष नशे की हालत में थे और उन्होंने पहले एक कांस्टेबल पर हमला किया था। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई शुरू की। हालांकि, पुलिस पर आरोप है कि उन्होंने कानूनी प्रक्रिया का पालन किए बिना इन तीनों को आथानगर इलाके में ले जाकर शारीरिक सजा दी। इस सजा की वीडियो रिकॉर्डिंग सोशल मीडिया पर वायरल हो चुकी है, जिससे पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।