
IAS अधिकारी तालो पोटोम गिरफ्तार (X)
दिल्ली में तैनात अरुणाचल प्रदेश कैडर के IAS अधिकारी तालो पोटोम को सोमवार को गिरफ्तार कर लिया गया। वे दो संदिग्ध आत्महत्याओं के मामले में मुख्य आरोपी हैं, जहां एक 19 वर्षीय युवक के सुसाइड नोट में उन पर यौन शोषण, मानसिक उत्पीड़न और धमकी देने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। यह मामला अरुणाचल प्रदेश में सनसनी फैला रहा है।
मामला 23 अक्टूबर को तब शुरू हुआ जब पापुम पारे जिले के निवासी 19 वर्षीय गोम्चू येकर ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। येकर दिल्ली सरकार के पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट (PWD) में संविदा कर्मचारी के रूप में काम कर रहा था, जिसकी नौकरी उसे पोटोम ने 2021-2025 के दौरान ईटानगर डिप्टी कमिश्नर रहते हुए दिलवाई थी। येकर के परिवार ने बताया कि उसके पास कई सुसाइड नोट बरामद हुए, जिसमें उसने पोटोम और राज्य ग्रामीण कार्य विभाग के एक्जीक्यूटिव इंजीनियर लिकवांग लोवांग पर यौन शोषण, वित्तीय लालच, धोखा और ब्लैकमेल का आरोप लगाया। नोट में येकर ने दावा किया कि शोषण के कारण उसे HIV हो गया था, और अधिकारियों ने उसकी जिंदगी बर्बाद करने की धमकी दी थी।
येकर के पिता तागोम येकर ने नीरजुली पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई, जिसमें आत्महत्या के लिए उकसाने, यौन शोषण, मानसिक उत्पीड़न, आपराधिक धमकी, भ्रष्टाचार और जीवन को खतरे में डालने के आरोप लगाए गए। परिवार ने सुसाइड नोट को 'डाइंग डिक्लेरेशन' मानते हुए फोरेंसिक जांच की मांग की। इसी बीच, येकर की मौत के कुछ घंटों बाद लोवांग ने भी तिराप जिले के खोंसा में खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। पुलिस के अनुसार, लोवांग का नाम भी येकर के नोट में प्रमुखता से आया था। पोस्टमॉर्टम और HIV टेस्ट के नतीजे अभी अटके हुए हैं।
53 वर्षीय तालो पोटोम, जो AGMUT कैडर के IAS अधिकारी हैं और जून 2025 से दिल्ली PWD में स्पेशल सेक्रेटरी के पद पर तैनात थे, ने गिरफ्तारी से पहले एक वीडियो स्टेटमेंट जारी कर आरोपों को 'बेबुनियाद' बताया। उन्होंने दावा किया कि येकर से उनका कोई व्यक्तिगत संबंध नहीं था और वे केवल संविदा कर्मचारी के रूप में नियुक्ति के लिए जिम्मेदार थे। पोटोम ने 25 अक्टूबर को लुकआउट सर्कुलर जारी होने के दो दिन बाद ईटानगर के नीरजुली पुलिस स्टेशन में आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस ने पोटोम के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 271, 272 (संक्रामक रोग फैलाने की लापरवाही), आत्महत्या के लिए उकसाने और आपराधिक कदाचार से जुड़ी धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। पापुम पारे के एसपी न्येलम नेगा ने बताया कि पोटोम को ईटानगर में ही हिरासत में रखा गया है।
अरुणाचल प्रदेश पुलिस ने एसआईटी (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम) गठित की है, जिसका नेतृत्व एसडीपीओ केंगो डिर्ची कर रहे हैं। जांच में सुसाइड नोट की हैंडराइटिंग विश्लेषण, फोरेंसिक रिपोर्ट और दोनों मौतों के पीछे की परिस्थितियां शामिल हैं। येकर के परिवार ने पारदर्शी जांच की मांग की है और केंद्रीय एजेंसियों की संलिप्तता का सुझाव दिया, क्योंकि मुख्य आरोपी एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी है। पुलिस रिकॉर्ड में उल्लेख है कि येकर पर पहले मजिस्ट्रेट बनकर वसूली करने का केस दर्ज था, लेकिन परिवार का कहना है कि यह अधिकारियों के दबाव में हुआ।
पोटोम अरुणाचल प्रदेश सिविल सर्विसेज से प्रमोटेड IAS अधिकारी हैं। वे पूर्व में ईटानगर कैपिटल रीजन के डिप्टी कमिश्नर रह चुके हैं। इस घटना ने न केवल प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मचा दिया है, बल्कि यौन शोषण और सरकारी पदों के दुरुपयोग जैसे मुद्दों पर बहस छेड़ दी है।
Published on:
28 Oct 2025 09:35 am
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