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CAA कानून के खिलाफ औवेसी पहुंचे सुप्रीम कोर्ट, याचिका दायर कर की तत्काल रोक लगाने की मांग

Asaduddin Owaisi: असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि चार साल पहले मोदी सरकार द्वारा बनाया गया यह कानून संविधान के खिलाफ है। आप धर्म के आधार पर कानून नहीं बना सकते।

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Asaduddin Owaisi reaches Supreme Court against CAA law

CAA कानून के खिलाफ असदुद्दीन ओवैसी पहुंचे सुप्रीम कोर्ट

Asaduddin Owaisi: ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने शनिवार को नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए), 2019 के कार्यान्वयन पर रोक लगाने की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। अपनी याचिका में ओवैसी ने कहा कि लंबित अवधि के दौरान नागरिकता अधिनियम, 1955 की धारा 6 बी के तहत नागरिकता का दर्जा देने की मांग करने वाले किसी भी आवेदन पर सरकार द्वारा विचार या कार्रवाई नहीं की जा सकती है। सीएए को दिसंबर 2019 में संसद द्वारा पारित किया गया था। हालांकि, इसके लिए नियम केंद्र सरकार द्वारा इस सप्ताह की शुरुआत में सोमवार को जारी किए गए थे।

अदालत में दायर हुई दो सौ से अधिक याचिकाएं

इस कानून का उद्देश्य गैर-मुस्लिम शरणार्थियों को तेजी से नागरिकता प्रदान करना है, जो 31 दिसंबर 2014 को या उससे पहले पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से धार्मिक उत्पीड़न के कारण भारत आए थे। 2019 से शीर्ष अदालत में दायर दो सौ से अधिक संबंधित याचिकाओं में विभिन्न सीएए प्रावधानों को चुनौती दी गई है। सुप्रीम कोर्ट 19 मार्च को याचिकाओं पर सुनवाई करेगा।

सीएए समानता के अधिकार के खिलाफ है- ओवैसी

ओवैसी का तर्क है कि मोदी सरकार का कानून संविधान के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि चार साल पहले मोदी सरकार द्वारा बनाया गया यह कानून संविधान के खिलाफ है। आप धर्म के आधार पर कानून नहीं बना सकते। इस पर सुप्रीम कोर्ट के कई फैसले हैं। सीएए समानता के अधिकार के खिलाफ है।

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