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रोहिंग्या घुसपैठ का गलियारा बना असम, मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कह दी ये बड़ी बात

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने गुरुवार को देशभर में कम से कम 48 लोगों को गिरफ्तार करके रोहिंग्या घुसपैठ के मुद्दे पर कार्रवाई करने के लिए राज्य पुलिस और एनआईए के प्रयासों की सराहना की।

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देश में 48 रोहिंग्या घुसपैठ को गिरफ्तार करने को लेकर असम मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा शर्मा ने सुरक्षाबलों की सराहना की है। मुख्यमंत्री ने अपने एक्स अकाउंट पर लिखा है कि रोहिंग्याओं की घुसपैठ राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है। असम को गलियारे के रूप में इस्तेमाल सुरक्षाबलों ने विफल कर दिया है। हम उपलब्ध संसाधनों में कड़ी निगरानी कर रहे हैं। इनके नापका मंसूबों का खत्म कर देंगे। वेल डन!"

असम के विशेष डीजीपी हरमीत सिंह ने कहा कि बिचौलियों का एक गिरोह बांग्लादेश से रोहिंग्या लोगों को अवैध रूप से लाने के लिए असम और त्रिपुरा को गलियारे के रूप में इस्तेमाल कर रहा था। इसके बाद में घुसपैठियों को देश के विभिन्न स्थानों पर भेजा गया था। फरवरी में असम पुलिस ने करीमगंज जिले में अवैध रूप से भारत में प्रवेश करने वाले रोहिंग्याओं के एक समूह को गिरफ्तार किया था।

उन्होंने बताया कि इन रोहिंग्याओं से पूछताछ के बाद हमें कुछ जानकारी मिली है। उसी के मुताबिक पुलिस का ऑपरेशन तेज हो गया है। कम से कम 450 अवैध बांग्लादेशियों और रोहिंग्याओं को गिरफ्तार किया गया और पीछे भेज दिया गया। मानव तस्करी से जुड़े बिचौलिये भारत से बांग्लादेश तक फैले हुए हैं। त्रिपुरा से कम से कम 10 बिचौलियों को गिरफ्तार किया गया था।

असम पुलिस ने कहा कि असम के रास्ते देश के विभिन्न हिस्सों में रोहिंग्या घुसपैठ से देश की आंतरिक सुरक्षा खतरे में पड़ गई है। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री ने रोहिंग्या घुसपैठ मामले की एनआईए जांच की सिफारिश की थी। इसके बाद असम पुलिस ने मामला केंद्रीय जांच एजेंसी को सौंप दिया था।

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