
अमित शाह (फोटो- एएनआई एक्स पोस्ट)
Assam Elections: असम में आगामी चुनाव को लेकर राजनीतिक माहौल तेजी से गरमा रहा है। सभी दल अपनी-अपनी रणनीति के साथ जनता को साधने में जुटे हैं। इसी बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक बड़ी रैली में बीजेपी की जीत का दावा करते हुए घुसपैठ के मुद्दे को केंद्र में ला दिया। उन्होंने साफ कहा कि बीजेपी सरकार ही राज्य की सांस्कृतिक पहचान और संसाधनों की रक्षा कर सकती है। शाह ने कांग्रेस पर सीधा हमला करते हुए उसे वोट बैंक की राजनीति करने वाला दल बताया।
अमित शाह ने अपने भाषण में कहा कि असम में अवैध घुसपैठ लंबे समय से एक गंभीर समस्या रही है। उन्होंने दावा किया कि बीजेपी सरकार ने घुसपैठियों की पहचान कर ली है और अगली बार सत्ता में आने पर उन्हें एक-एक कर हटाया जाएगा। शाह के अनुसार, अवैध प्रवासी राज्य के युवाओं के रोजगार, गरीबों के राशन और चाय बागान के मजदूरों के हक पर असर डाल रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अगर असम, पश्चिम बंगाल और त्रिपुरा में बीजेपी और एनडीए की सरकारें बनी रहती हैं, तो घुसपैठ पूरी तरह रोकी जा सकती है।
अमित शाह ने कांग्रेस पार्टी पर हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने हमेशा घुसपैठियों को संरक्षण देकर वोट बैंक की राजनीति की है। उन्होंने कहा कि 1950 के कानून को हटाना और 1983 में नया कानून लाना कांग्रेस की बड़ी गलती थी, जिससे घुसपैठ को बढ़ावा मिला। शाह ने नागरिकता संशोधन कानून का जिक्र करते हुए कहा कि यह कानून पीड़ित अल्पसंख्यकों को सुरक्षा देने के लिए जरूरी था, लेकिन कांग्रेस ने इसका विरोध किया। उनके अनुसार, कांग्रेस की नीतियों ने असम की सुरक्षा और सामाजिक संतुलन को कमजोर किया।
शाह ने असम की सांस्कृतिक पहचान को बचाने का मुद्दा भी जोरदार तरीके से उठाया। उन्होंने कहा कि बीजेपी ही वह पार्टी है जिसने करीमगंज का नाम बदलकर श्रीभूमि करने का फैसला लिया, जिससे क्षेत्र की ऐतिहासिक पहचान को सम्मान मिला। अपने भाषण में उन्होंने राहुल गांधी पर भी निशाना साधा और कहा कि उनके नेतृत्व में कांग्रेस का स्तर गिरा है। शाह ने मतदाताओं से अपील की कि वे ऐसे दल को समर्थन दें जो राज्य की जमीन, पहचान और आर्थिक हितों की रक्षा कर सके। उन्होंने दावा किया कि असम में बीजेपी को भारी बहुमत मिलने जा रहा है।
Published on:
07 Apr 2026 01:22 pm
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