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ऑस्ट्रेलियन टीक के पेड़ जलवायु परिवर्तन से भी बचाएंगे और आमदनी भी बढ़ेगी

Australian Teak Trees: ऑस्ट्रेलियन टीक के पेड़ सिर्फ जलवायु परिवर्तन के लिहाज से ही नहीं, बल्कि आमदनी के हिसाब से भी फायदेमंद हैं।

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Australian Teak

राजस्थान कृषि अनुसंधान संस्थान में आयोजित इंडियन हॉर्टिकल्चर समिट एंड इंटरनेशनल कॉफ्रेंस में नेचुरल ग्रीन हाउस शोध आलेख के लिए चौधरी गंगाशरण त्यागी मैमोरियल बेस्ट फार्मर अवॉर्ड इन हॉर्टिकल्चर और पांच बार देश के सर्वश्रेष्ठ किसान के पुरस्कार से नवाज़े गए छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले के कोंडा गांव निवासी डॉ. राजाराम त्रिपाठी ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन के कारण राजस्थान पर भीषण गर्मी का असर नज़र आएगा। ऐसे में किसान ऑस्ट्रेलियन टीक के पेड़ लगाएं और अपनी आमदनी बढ़ाएं, क्योंकि पेड़ लगेंगे तो खेत का तापमान भी कम होगा और फसलें भी सुरक्षित रहेंगी।


बैंक की नौकरी छोड़ खेती का विचार कितना सही रहा?

"बैंक की नौकरी छोड़ खेती का विचार कितना सही रहा?" सवाल का जवाब देते हुए त्रिपाठी ने कहा, "बैंक की नौकरी छोडऩे के बाद 2003 में चावल और फिर कर्ज लेकर सफेद मूसली की खेती की, लेकिन जिस समय फसल बोई उस समय बाजार में भाव ज़मीन पर आ गए। हालात ऐसे हो गए कि ज़मीन तक नीलाम हो गई। कई देशों की यात्रा की और वहाँ सिर्फ यह देखा कि आखिर वहाँ के किसान कैसे करोड़पति हैं।"

फसलों के प्रयोग को लेकर आइडिया कैसे आया?

"फसलों के प्रयोग को लेकर आइडिया कैसे आया?" सवाल का जवाब देते हुए त्रिपाठी ने कहा, "कई देशों में घूमने के बाद पूरा रिसर्च किया कि मांग क्या है और कैसे पूरा की जा सकती है। बस्तर के तापमान के हिसाब से ऑस्ट्रेलियन टीक खेतों पर लगाएं। कुछ समय बाद इन्हीं पेडों पर काली मिर्च की बेल चढ़ाना शुरू कर दिया। सात-आठ साल की मेहनत के बाद बेहतर नतीजे मिले। अब टीक, काली मिर्च, खेतों में पैदा की जा रही अन्य फसलों और जड़ी बूटियों से सालाना डेढ़ से दो करोड़ रुपए की आय आसानी से हो रही है।"


राजस्थान के किसानों के लिए क्या सुझाव देना चाहेंगे?

"राजस्थान के किसानों के लिए क्या सुझाव देना चाहेंगे?" सवाल का जवाब देते हुए त्रिपाठी ने कहा, "राजस्थान में भीषण गर्मी पड़ती है और तापमान 45 डिग्री के पार पहुंच जाता है। सब कुछ सूख जाता है, लेकिन बबूल का पेड़ हरा भरा रहता है। बबूल का पेड़ किसी काम का नहीं है, लेकिन यह तापमान ऑस्ट्रेलियन टीक के लिए बेहद मुफीद है। खेतों की मेड़ पर किसान टीक लगाएं तो राजस्थान के किसानों की किस्तम बदल जाएगी।"

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