3 अप्रैल 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

कथावाचक अनिरुद्धाचार्य का वीडियो हुआ वायरल, विवाद बढ़ने पर कही ये बात

Aniruddhacharya Latest Controversy: कथावाचक अनिरुद्धाचार्य का वीडियो वायरल होते ही विवाद खड़ा हो गया। वीडियो के बारे में स्पष्ट करते हुए उन्होंने कहा कि उनकी बात का मकसद युवाओं को चरित्रवान बनने और पति-पत्नी के प्रति निष्ठा रखने की सलाह देना था, न कि किसी को अपमानित करना।

2 min read
Google source verification

भारत

image

Devika Chatraj

Aug 07, 2025

kathavachak aniruddhacharya maharaj gets relief from court videos will removed from social media

कथावाचक अनिरुद्धाचार्य ने खटखटाया कोर्ट का दरवाजा। फोटो सोर्स (IANS)

प्रसिद्ध कथावाचक अनिरुद्धाचार्य ने गुरुवार को अपने एक वायरल वीडियो को लेकर छिड़े विवाद पर सफाई दी है। उन्होंने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कहा कि मीडिया ने उनके बयान को आधा-अधूरा दिखाकर विवाद खड़ा किया है। अनिरुद्धाचार्य ने स्पष्ट किया कि उनकी बात का मकसद युवाओं को चरित्रवान बनने और पति-पत्नी के प्रति निष्ठा रखने की सलाह देना था, न कि किसी को अपमानित करना।

आधा-अधूरा दिखाया गया वीडियो

अनिरुद्धाचार्य ने कहा, "मेरे वीडियो को आधा-अधूरा दिखाया गया, जिससे विवाद पैदा हुआ। पूरी वीडियो देखें, तो मेरी बात स्पष्ट होगी। मैंने पुरुषों और महिलाओं, दोनों के लिए कहा कि चरित्रवान बनें। गांव की भाषा में जो मैंने कहा, उसका मतलब चरित्रहीनता से था, जो मैंने दोनों के लिए कहा।" उन्होंने जोर देकर कहा कि उनकी बात का उद्देश्य समाज को नैतिकता और भारतीय संस्कृति की राह दिखाना था।

परंपराओं का दिया हवाला

कथावाचक ने भारतीय शास्त्रों और परंपराओं का हवाला देते हुए कहा कि उनकी सलाह वही है जो बड़े-बुजुर्ग सिखाते हैं। "मैंने कहा कि अपनी पत्नी या पति के प्रति वफादार रहें। पराई स्त्री या पुरुष की ओर न देखें। माता-पिता बच्चों को चोरी और बुराइयों से बचने की सीख देते हैं। मैंने समाज में बढ़ती अश्लीलता, जैसे अश्लील वीडियो, तस्वीरें और बॉलीवुड के गाने, को भी निशाना बनाया, जो समाज को नुकसान पहुंचा रहे हैं।"

मीडिया पर लगाया आरोप

उन्होंने मीडिया पर उनकी बातों को तोड़-मरोड़कर पेश करने का आरोप लगाया। अनिरुद्धाचार्य ने कहा, "मीडिया की जिम्मेदारी है कि पूरी बात दिखाए। आधा दिखाने से विवाद होता है। हमने तो बस चरित्रवान रहने की सलाह दी, जो पुरुषों और महिलाओं, दोनों के लिए थी, लेकिन मीडिया ने सिर्फ एक हिस्से को उछाला।"

पुराने ज़माने के संदर्भ में कही बात

विवादास्पद बयानों के संदर्भ में उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी कुछ टिप्पणियां पुराने जमाने के संदर्भ में थीं। "पहले 14-15 साल की उम्र में शादी हो जाती थी। मैंने सिर्फ उस समय की बात की, यह नहीं कहा कि अब ऐसा करें। सरकार ने शादी की उम्र 18 और 21 साल तय की है और हम इसका सम्मान करते हैं," उन्होंने कहा।

भारतीय संस्कृति पर दिया जोर

अनिरुद्धाचार्य ने भारतीय संस्कृति पर जोर देते हुए कहा, "भारत की पहचान उसकी संस्कृति और संस्कारों से है। हमारा देश अमेरिका या लंदन नहीं है। हमारी संस्कृति हमें चरित्रवान बनने की सीख देती है। मैं चाहता हूं कि यह देश भगवान राम के चरित्र की तरह चरित्रवान बने।"

क्या थी टिप्पणी?

हाल ही में अनिरुद्धाचार्य के कुछ बयानों, खासकर लिव-इन रिलेशनशिप और महिलाओं की शादी की उम्र को लेकर दिए गए बयानों, ने सोशल मीडिया और समाज में तीखी प्रतिक्रियाएं उत्पन्न की थीं। उनके खिलाफ कई शहरों में प्रदर्शन हुए और कानूनी शिकायतें भी दर्ज की गईं। इस विवाद ने एक बार फिर धार्मिक कथावाचकों के बयानों और उनकी सामाजिक जिम्मेदारी पर बहस छेड़ दी है।