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‘भयंकर खतरे में बाबासाहेब अंबेडकर का संविधान’, सूरत में BJP के निर्विरोध जीत पर कांग्रेस ने बताई ये ‘क्रोनोलॉजी’

सूरत में बीजेपी के निर्विरोध जीत पर कांग्रेस ने निशाना साधते हुए बेडकर के संविधान को भयंकर खतरे में बताया है।

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गुजरात की सूरत लोकसभा सीट पर कांग्रेस उम्मीदवार का पर्चा निरस्त होने और निर्दलियों के नामांकन वापसी के बाद यहां बिना चुनाव के ही बीजेपी ने जीत दर्ज कर ली है। जिसके बाद कांग्रेस ने इसे फिक्स मैच बताते हुए बाबासाहेब अंबेडकर के संविधान को भयंकर खतरे में बताया है।

कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि क्रोनोलॉजी को समझाया है और बीजेपी पर निशाना साधा। जयराम रमेश ने कहा कि सूरत जिला चुनाव अधिकारी ने सूरत लोकसभा से कांग्रेस प्रत्याशी नीलेश कुंभानी का नामांकन रद्द कर दिया है। कारण "तीन प्रस्तावकों के हस्ताक्षर के सत्यापन में खामी” बताया गया है।

आगे कांग्रेस नेता ने कहा कि कुछ इसी तरह का कारण बताकर अधिकारियों ने सूरत से कांग्रेस के वैकल्पिक उम्मीदवार सुरेश पडसाला के नामांकन को ख़ारिज कर दिया। कांग्रेस पार्टी बिना उम्मीदवार के रह गई है। बीजेपी प्रत्याशी मुकेश दलाल को छोड़कर बाकी सभी उम्मीदवारों ने अपना नामांकन वापस ले लिया है। 7 मई 2024 को मतदान से लगभग दो सप्ताह पहले ही 22 अप्रैल, 2024 को सूरत लोकसभा सीट से भाजपा के उम्मीदवार को “निर्विरोध” जिता दिया गया।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के अन्याय काल में MSME मालिकों और व्यवसायियों की परेशानियों एवं गुस्से को देखते हुए भाजपा इतनी बुरी तरह से डर गई है कि वह सूरत लोकसभा के "मैच को फ़िक्स" करने का प्रयास कर रही है। इस सीट को वे लोग 1984 के लोकसभा चुनाव के बाद से लगातार जीतते आ रहे हैं। हमारे चुनाव, हमारा लोकतंत्र, बाबासाहेब अंबेडकर का संविधान - सब कुछ भयंकर ख़तरे में हैं। मैं दोहरा रहा हूं - यह हमारे जीवनकाल का सबसे महत्वपूर्ण चुनाव है।

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