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Balasore Train Accident: CBI ने रेलवे के 3 अधिकारियों के खिलाफ दाखिल की चार्जशीट, जानें क्या लगाए आरोप

Odisha Train Accident: CBI ने आज बालासोर ट्रेन एक्सीडेंट मामले में रेलवे के तीन बड़े अधिकारियों के खिलाफ चार्जशीट दायर किया है। ओडिशा के बालासोर में हुए भीषण ट्रेन एक्सीडेंट में 293 यात्रियों की जान गई थी।

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Odisha Train Accident: ओडिशा के बालासोर में भीषण ट्रेन दुर्घटना हुई थी। आज इस मामले में CBI ने रेलवे के 3 गिरफ्तार बड़े अधिकारियों के खिलाफ चार्जशीट दायर किया है। इन तीनों अधिकारियों पर गैर इरादतन हत्या और सबूत नष्ट करने का आरोप लगा है। बता दें कि इन तीनों कर्मचारियों को जुलाई महीने में CBI ने गिरफ्तार किया गया था, इनके नाम अरुण कुमार महंत, मोहम्मद अमीर खान और पप्पू कुमार हैं। इस भीषण ट्रेन हादसे में 293 लोगों की जान गई थी और 1200 लोग घायल हुए थे।


CBI ने लगाए गंभीर आरोप

भुवनेश्वर में CBI ने कोर्ट में रेलवे के तीनों अधिकारियों के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए कहा- "बाहानगा बाजार रेलवे स्टेशन में उत्तरी गुमटी में किए गए वायरिंग कार्य के समय लेवल क्रॉसिंग गेट नंबर 94 के संचालन को 110 वोल्ट एसी से 24 वोल्ट डीसी में बदलने के लिए एक अन्य एलसी गेट संख्या 79 के विशिष्ट सर्किट रेखाचित्र का इस्तेमाल किया गया।"

CBI ने आगे कहा "नियमावली के अनुसार वर्तमान आरोपी याचिकाकर्ता को यह सुनिश्चित करना था कि मौजूदा सिग्नल और इंटरलॉकिंग प्रणाली का परीक्षण, मरम्मत और बदलाव मंजूर योजना और निर्देशों के अनुसार हों।" CBI द्वारा दी गई दलील के बाद अदालत ने कहा, CBI की सभी दलीलों को सुनने के बाद यह पता चलता है कि आरोपियों ने ऐसा कोई कदम नहीं उठाया था, जिसके कारण दुर्घटना हुई और उक्त दुर्घटना में 293 से अधिक यात्रियों की मौत हो गई और कई यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए।"

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दो हफ्ते पहले हुई घटना से सीख लेते तो हादसा से बचा जा सकता था

बता दें कि दुर्घटना से करीब दो हफ्ते पहले खड़गपुर मंडल के बांकड़ा नयाबाज स्टेशन पर गलत रिंग और केबल की खराबी के चलते ऐसी ही घटना हुई थी। अगर उस घटना के बाद गलत वायरिंग को ठीक करने के लिए सुधारात्मक कदम उठाए गए होते तो दुर्घटना नहीं घटती।

नई रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि कोरोमंडल एक्सप्रेस में मेन लाइन के लिए ग्रीन सिग्नल था लेकिन 'पॉइंट' या ट्रेन की डायरेक्शन डिसाइड करने वाला सिस्टम गलत तरीके से 'लूप लाइन' की ओर इशारा करता रहा, जिससे दुर्घटना हुई। इस सब की जिम्मेदारी स्टेशन मास्टर के पास होती है, वो अगर इन सभी कमियों पर धयान देते तो इतनी बड़ी घटना नहीं घटती और 293 लोगों की जान नहीं जाती।

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