25 अक्टूबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

दिल्ली ब्लास्ट को अंजाम देने से पहले पुलवामा गया था उमर, भाई से कहा था- ‘मुझसे जुड़ी कोई खबर आए तो…’

Delhi Blasts: दिल्ली ब्लास्ट को अंजाम देने से पहले आतंकी उमर अपने घर गया था। उसने अपना एक फोन भाई जहूर को दिया था। पढ़ें पूरी खबर...
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

भारत

•

image

Pushpankar Piyush

•

Updated: 19 Nov 2025, 9:30 AM IST

दिल्ली ब्लास्ट का आरोपी उमर नबी। (फोटो- X/@ShivanChanana)

Delhi Blasts: दिल्ली कार ब्लास्ट के फिदायीन हमलावर डॉ. उमर मोहम्मद नबी हमले को अंजाम देने से 14 दिन पहले पुलवामा स्थित अपने घर गया था। यहां उसने अपने दो मोबाइल फोन में से एक अपने भाई जहूर इलाही को दिया था। उसने अपने भाई को मोबाइल देते वक्त कहा था कि यदि मेरे बारे में कोई भी खबर आए तो पानी में फेंक देना। इसी फोन से उमर का आखिरी वीडियो मिला था। जिसमें उसने फिदायीन हमले को शहादत का ऑपरेशन बताया।

26 से 29 अक्टूबर के बीच दिया था फोन

जहूर ने NIA की पूछताछ में बताया कि उमर ने उसे 26 से 29 अक्टूबर के बीच फोन दिया था। 9 नवंबर को अल-फलाह यूनिवर्सिटी से उमर के साथियों की गिरफ्तारी की खबर सुनते ही उसने घबराकर फोन घर के पास एक तालाब में फेंक दिया था। बाद में तलाब से फोन बरामद हुआ था। इसके बाद एक्सपर्ट्स ने मोबाइल से डेटा रिकवर किए। इसमें उमर का आखिरी वीडियो मिला।

जावेद सिद्दीकी को 13 की ED की कस्टडी में भेजा गया

दिल्ली की एक अदालत ने अल-फलाह ग्रुप के चेयरमैन जावेद सिद्दीकी को 13 दिन की ED कस्टडी में भेज दिया है। कोर्ट ने कहा कि ऐसे उचित आधार मौजूद हैं, जो बताते हैं कि सिद्दीकी बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी, फर्जी मान्यता और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े हैं। मामले की सुनवाई के दौरान ED के अधिकारियों ने कोर्ट को बताया कि जांच शुरुआती चरण में है और उनके पास पर्याप्त सबूत हैं। एजेंसी ने कस्टोडियल पूछताछ की मांग करते हुए कहा कि अगर सिद्दीकी को हिरासत में न लिया गया, तो वे गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं या डिजिटल व वित्तीय रिकॉर्ड नष्ट करवा सकते हैं।

10 नवंबर को लाल किला के पास हुआ था आत्मघाती धमाका

डॉ. उमर ने दिल्ली के लाल किले के पास 10 नवंबर को हुंडई i20 कार से आत्मघाती धमाका किया था। इससे 15 लोगों की मौत हुई थी और 20 से ज्यादा घायल हुए थे। मामले में अब तक 8 लोगों की गिरफ्तारी हुई है, इसमें से 5 डॉक्टर हैं। ये सभी डॉक्टर व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल से जुड़े हुए हैं। इस मॉड्यूल का संबंध जैश ए मोहम्मद से बताया जाता है।