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भारत की अर्थनीति के चाणक्य पीवी नरसिम्हा राव

भारतीय अर्थनीति का जो स्वरूप हम देख रहे हैं इसे नेहरू महानलोविश मॉडल से निकाल कर आधुनिक भारत बनाने का काम पीवी नरसिम्हा राव ने किया।

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Bharat Ratna : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार ने देश के पूर्व पीएम नरसिम्हा राव को मरणोपरांत देश का सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न देने का एलान किया है। इतिहास में अर्थशास्त्र के रचियता भले कौटिल्य यानी आचार्य चाणक्य जानता है लेकिन आधुनिक भारत में अर्थशास्त्र को सही मायने जमीन पर उतारने का काम राजनीतिक चाणक्य पीवी नरसिम्हा राव ने किया। भारतीय अर्थनीति का जो स्वरूप हम देख रहे हैं इसे नेहरू महानलोविश मॉडल से निकाल कर आधुनिक भारत बनाने का काम पीवी नरसिम्हा राव ने किया।

नरसिम्हा राव लगातार आठ बार चुनाव जीते और कांग्रेस पार्टी में 50 साल से ज्यादा समय तक सक्रिय रहे। इसके बाद कांग्रेस में नेहरू गांधी परिवार से इतर पहले प्रधानमंत्री बने। 10 भाषाओं के ज्ञाता, अनुवाद के उस्ताद आठ बच्चों के पिता थे। वह 20 जून 1991 से 16 मई, 1996 तक देश के प्रधानमंत्री रहे। इसी समय भारत में उदारीकरण की प्रकिया शुरू की। पहली बार विदेश यात्रा उन्होंने 53 वर्ष की उम्र में की। 60 साल की उम्र में दो कंप्यूटर लैंग्वेज सीख कंप्यूटर कोड बनाया था।