1 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या को ‘सुप्रीम’ राहत, हाई कोर्ट के आदेश पर उच्चतम न्यायलय ने लगाई रोक

Supreme Court stays Karnataka High Court order: सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या व तीन अन्य कांग्रेस नेताओं के खिलाफ विरोध प्रदर्शन से संबंधित एक आपराधिक मामले में कार्यवाही पर रोक लगा दी है।

2 min read
Google source verification
  Big relief to cm Siddaramaiah Supreme Court stays Karnataka High Court order


सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या व तीन अन्य कांग्रेस नेताओं के खिलाफ विरोध प्रदर्शन से संबंधित एक आपराधिक मामले में कार्यवाही पर रोक लगा दी। मार्च 2022 में बिना अनुमति विरोध प्रदर्शन में शामिल होने पर दर्ज आपराधिक मामले को रद्द करने से इनकार करने के हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ सिद्धरामय्या सुप्रीम कोर्ट पहुंचे थे।

कर्नाटक हाईकोर्ट ने लगाया था जुर्माना

हाई कोर्ट ने सीएम सहित चारों कांग्रेस नेताओं को ट्रायल कोर्ट के सामने पेश होने का निर्देश देते हुए उन पर 10-10 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया था। सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस हृषिकेश रॉय और जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा की बेंच के सामने सुनवाई के दौरान कांग्रेस नेताओं की ओर से सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल , अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि विरोध प्रदर्शन अभिव्यक्ति की आजादी के तहत मौलिक अधिकार है।

इस पर जस्टिस मिश्रा ने कहा कि यह अधिकार युक्तियुक्त प्रतिबंधों के अधीन है। क्या प्रदर्शन की अनुमति ली गई थी? किसी भी दिन आप सड़कों पर एकत्र हो जाएं और बाद में कहते हैं कि हमें अधिकार होने के कारण मामला रद्द करें। ऐसा कैसे होगा? हालांकि याचिकाकर्ता के तर्क दर्ज करने के बाद कोर्ट ने हाई कोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी और नोटिस जारी किए।

6 सप्ताह बाद होगी सुनवाई

जज हृषिकेश रॉय और जज पीके मिश्रा की पीठ ने मामले में कर्नाटक सरकार और शिकायतकर्ता को नोटिस जारी किया है। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने आगे की कार्यवाही पर रोक लगा दी है और SC ने 26 फरवरी को निचली अदालत में पेश होने पर भी रोक लगा दी है। इस मामले में अगली सुनवाई 6 सप्ताह बाद होगी।

क्या है मामला?

बता दें कि कांग्रेस नेताओं के खिलाफ ये मामला तब दर्ज किया गया था, जब उन्होंने बेंगलुरु में तत्कालीन मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई के आवास की घेराबंदी करने की कोशिश की थी। उन्होंने केएस ईश्वरप्पा के इस्तीफे की मांग को लेकर तत्कालीन मुख्यमंत्री के आवास का घेराव किया था। इस मामले में कांग्रेस नेताओं के खिलाफ FIR दर्ज की गई थी।

ये भी पढ़ें: पूरे महीने भाजपा में चलेगा स्वागत समारोह, पूर्व मुख्यमंत्री समेत कई पार्टियों के बड़े नेता होंगे शामिल!