यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि 2020 के चुनाव में, 56 सीटें ऐसी थीं, जहां हार-जीत का अंतर काफी कम था। वहीं 46 सीटें ऐसी भी थीं, जहां उस साल पहली बार वोट देने वाले मतदाताओं की औसत संख्या जीत के अंतर से ज्यादा थी। बता दें कि उस समय राज्य भर में जीत का औसत अंतर 16,825 वोट था।