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‘एक जाति, एक धर्म के लोगों को निशाना बनाया जा रहा’, मांस-मच्छी की बिक्री पर रोक को लेकर आगबबूला हुए मुकेश सहनी

बिहार सरकार ने सड़क किनारे मांस और मछली की बिक्री पर लगी रोक को लेकर मुकेश सहनी ने कहा, पहले व्यवस्थित बाजार बनाएं, फिर ही बिक्री पर प्रतिबंध लगाया जाए।

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पटना

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Devika Chatraj

Feb 26, 2026

बिहार में मांस और मछली पर लगा प्रतिबंध (patrika Graphic)

बिहार सरकार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने राज्य में सड़क किनारे मांस और मछली की बिक्री पर सख्त रोक लगाने का आदेश जारी किया है। इस फैसले ने राजनीति में फिर हलचल पैदा कर दी है और विभिन्न दलों के नेता अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।

रोक के बाद भड़के मुकेश सहनी

विकासशील इंसान पार्टी के अध्यक्ष मुकेश सहनी ने इस नीति को लेकर कहा कि यह कदम हिंदू-मुस्लिम विभाजन की राजनीति को हवा देने जैसा प्रतीत होता है। उन्होंने साफ किया कि पहले चिकन और मटन पर कार्रवाई हुई, अब मछली तक मामला पहुंच गया है। उनका कहना है कि इससे विशेष जाति और धर्म के लोग प्रभावित हो रहे हैं, और सीधे मछुआरों को इसका शिकार बनाना उचित नहीं है।

जो चाहे करेगा मुकेश सहनी

मुकेश सहनी ने कहा कि उपमुख्यमंत्री का यह आदेश अचानक जारी हुआ और अब कोई भी सड़क किनारे मछली या मांस नहीं बेच पाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसा लगता है जैसे हर किसी का अपने बाबूजी का राज चल रहा हो, और लोग जो चाहे वही करेंगे।

5,000 करोड़ का मछली बाजार ब्लूप्रिंट

सहनी ने याद दिलाया कि जब वे मंत्री थे, तब उन्होंने बिहार में व्यवस्थित मछली बाजार बनाने के लिए 5 साल का ब्लूप्रिंट तैयार किया था। योजना के तहत 5,000 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया था, जिसमें हर साल 1,000 करोड़ रुपये निवेश कर राज्यभर में व्यवस्थित मछली और मांस बाजार स्थापित किए जाने थे। साथ ही कहते हैं, हम रोड पर मछली बेचने का शौक नहीं रखते। सरकार का काम है कि पहले व्यवस्थित बाजार बनाए जाएं। बाजार तैयार होने के बाद ही लोग मछली, मटन और चिकन बेचेंगे।