
पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव (फाइल फोटो)
Bihar Elections 2025: बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर सीट बंटवारे को लेकर फंसी गुत्थी को NDA ने सुलझा लिया है। महागठबंधन का दावा है कि आज कल में वहां भी सीट शेयरिंग को लेकर तस्वीर साफ हो जाएगी। NDA सीट शेयरिंग के बाद बिहार के सीएम व जदयू अध्यक्ष नीतीश कुमार (Nitish) विपक्ष के निशाने पर हैं। 20 साल में पहली बार बीजेपी (BJP) और जदयू (JDU) बराबर-बराबर सीटों पर लड़ रही है। इसे लेकर पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव (Pappu Yadav) ने सीएम नीतीश पर तंज कसा है।
पप्पू ने कहा कि एनडीए में सीटों का बंटवारा हो गया है। इसी के साथ ही नीतीश कुमार अब फिनिश हो गए हैं। सीट बंटवारे ने उन्हें फिनिश कर दिया है। अब बीजेपी अकेले नहीं, बल्कि अपने सहयोगियों को मिलाकर 142 सीटों पर चुनाव लड़ रही है, जबकि जदयू को 101 पर समेट दिया है। चुनाव के बाद नीतीश कुमार को इधर आना ही पड़ेगा, उधर उनका अब कुछ नहीं होने वाला है। अब नीतीश कुमार क्या करेंगे। संजय बाबू ने जो करना था, कर लिया। 29 पर मोदी के हनुमान काबिज हो गए।
राजद नेता मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि NDA के भीतर सबकुछ ठीक नहीं है। हम कहते आ रहे हैं कि बीजेपी, जदयू को खत्म कर देगी। अब तक जदयू बड़े भाई की भूमिका में थी, लेकिन उसे बराबरी के स्तर पर ला दिया गया है। चिराग और बीजेपी ने 130 सीटें ले ली है। चुनाव के बाद बीजेपी, जदयू को खत्म करके सीएम की कुर्सी हासिल कर लेगी। जीतन बाबू 15 सीटें मांग रहे थे, उन्हें 6 सीटें मिली, उपेंद्र कुशवाहा की भी वही हालत हुई। बीजेपी ने छोटे दलों को खत्म करने का फॉर्मूला बनाया है। अब ऐसा लगता है कि बीजेपी, जदयू को विलय के लिए मजबूर कर देगी।
NDA में सीट शेयरिंग के ऐलान के बाद उपेंद्र कुशवाहा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर कहा कि प्रिय मित्रों/साथियों, आप सभी से क्षमा चाहता हूं। आपके मन के अनुकूल सीटों की संख्या नहीं हो पाई। मैं समझ रहा हूं, इस निर्णय से अपनी पार्टी के उम्मीदवार होने की इच्छा रखने वाले साथियों सहित हजारों-लाखों लोगों का मन दुखी होगा। आज कई घरों में खाना नहीं बना होगा, परन्तु आप सभी मेरी एवं पार्टी की विवशता और सीमा को बखूबी समझ रहे होंगे।
उन्होंने कहा कि किसी भी निर्णय के पीछे कुछ परिस्थितियां ऐसी होती हैं जो बाहर से दिखती हैं मगर कुछ ऐसी भी होती हैं जो बाहर से नहीं दिखतीं। हम जानते हैं कि अन्दर की परिस्थितियों से अनभिज्ञता के कारण आपके मन में मेरे प्रति गुस्सा भी होगा, जो स्वाभाविक भी है।
उपेंद्र कुशवाहा ने आगे कहा कि आपसे विनम्र आग्रह है कि आप गुस्से को शांत होने दीजिए, फिर आप स्वयं महसूस करेंगे कि फैसला कितना उचित है या अनुचित। फिर कुछ आने वाला समय बताएगा। फिलहाल इतना ही।
Updated on:
13 Oct 2025 06:36 am
Published on:
13 Oct 2025 06:36 am
