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किसी का फोन बंद तो कोई गायब, फ्लोर टेस्ट से पहले बिहार में हलचल तेज, नीतीश-तेजस्वी के लिए बड़ा दिन

आज नीतीश सरकार के लिए बिहार विधानसभा में अग्नि परीक्षा का दिन है। फ्लोर टेस्ट से पहले जदयू के विधायक विधानसभा के पास के होटल से कड़ी सुरक्षा के बीच आएंगे। वहीं पूर्व डिप्टी सीएम तेजश्वी यादव भी अपने विधायकों के साथ तैयार बैठे हैं।

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बिहार में सियासी पारा फिर हाई है। पक्ष-विपक्ष दोनों अपने-अपने कुनबे के साथ तैयार है। सीएम नीतीश कुमार के लिए बिहार विधानसभा में आज अग्नि परीक्षा का दिन है। जब जनवरी में जब उन्होंने राजद-कांग्रेस का साथ छोड़कर एनडीए में शामिल होने का फैसला लिया था और तब ये काम बहुत आसान सा दिख रहा था क्योंकि बिहार में सरकार बनाने के लिए बहुमत का जो आंकड़ा किसी दल या गठबंधन के पास होना चाहिए, एनडीए के पास वो संख्या उससे कहीं ज्यादा थी। लेकिन जैसे-जैसे फ्लोर टेस्ट की तारीख नजदीक आती गई राजद खेमा एक्टिव हो गया और सत्तारूढ़ गठबंधन की सांसे फूलने लगी।

खेला होने के आसार

राजद के कई बड़े नेता और तेजश्वी यादव की पत्नी ने कहा था कि बिहार में खेल होना अभी बाकि है। ऐसा होने के डर से ही नीतीश कुमार ने अपने विधायकों को फ्लोर टेस्ट से पहले विधानसभा के नजदीक चाणक्य होटल में रात को रुकवाया। वहीं भारी सुरक्षा के बीच बीजेपी के विधायक बोधगया से रविवार को पटना लौटे। हम पार्टी के मुखिया जीतन राम मांझी का फोन नहीं लग रहा है। सूत्रों की मानें तो देर रात तक एनडीए के 8 विधायकों से संपर्क नहीं हो पा रहा है। इनमें जेडीयू के 5 और बीजेपी के 3 विधायक हैं।

कांग्रेस विधायक हैदराबाद से लौटे

बिहार के कांग्रेस विधायक एक सप्ताह तक हैदराबाद में रहने के बाद रविवार को पटना लौट आए। एक रिसॉर्ट से कड़ी सुरक्षा के बीच निकाले जाने के बाद विधायक शमशाबाद के राजीव गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से विमान में सवार हुए। विश्वास मत से पहले भाजपा और जनता दल (यूनाइटेड) द्वारा संभावित खरीद-फरोख्त के प्रयासों से बचने के लिए कांग्रेस ने अपने विधायकों को हैदराबाद स्थानांतरित कर दिया था। 16 विधायक 4 फरवरी को हैदराबाद पहुंचे थे और उन्हें शहर के पास एक रिसॉर्ट में ठहराया गया था।

शहर से लगभग 40 किमी दूर रंगारेड्डी जिले के कागजघाट में सिरी नेचर वैली रिज़ॉर्ट में उनके ठहरने के लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। तेलंगाना में सत्ता में मौजूद कांग्रेस ने विधायकों के रहने की सुविधा के लिए सभी इंतजाम किए थे।

एनडीए में भी डर

बिहार में विधानसभा में सोमवार को होने वाले महत्वपूर्ण बहुमत परीक्षण से पहले बिहार में सत्तारूढ़ जदयू ने अपने विधायकों को विधानसभा के पास एक होटल में भेज दिया। लेसी सिंह, मदन सहनी और राज कुमार जैसे जदयू विधायकों को रविवार शाम को चाणक्य होटल में देखा गया, जो बिहार विधानसभा से सिर्फ 500 मीटर की दूरी पर है। नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार के शक्ति परीक्षण के लिए जदयू विधायक सोमवार सुबह होटल से सीधे विधानसभा जाएंगे।

पार्टी की रविवार को हुई बैठक में चार विधायक गैरहाजिर थे और कथित तौर पर उनसे संपर्क नहीं हो सका, लेकिन एक मंत्री ने कहा कि सभी से संपर्क किया गया है और वे मतदान के लिए समय पर पटना पहुंचेंगे।

इस बीच, भाजपा विधायक जो शनिवार से पार्टी की कार्यशाला के लिए बोधगया में थे, रविवार शाम को पटना लौट आए। वे उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा के आवास पर गए। कांग्रेस और राजद के विधायक तेजस्वी यादव के आवास पर डेरा डाले हुए हैं। विधानसभा कार्यक्रम के मुताबिक, सोमवार को सत्र की शुरुआत राज्यपाल के अभिभाषण से होगी।

राज्यपाल के अभिभाषण के बाद विधानसभा अध्यक्ष अवध बिहारी चौधरी सदन की कार्यवाही शुरू करेंगे। चूंकि नोटिस पहले ही दिया जा चुका है, सदन में एनडीए विधायक सदन अध्यक्ष के खिलाफ अविश्‍वास प्रस्ताव लाएंगे। प्रस्ताव पेश होने के बाद उपाध्‍यक्ष महेश्‍वर हजारी अध्यक्ष की कुर्सी संभालेंगे और चौधरी सदन में राजद विधायकों के साथ बैठेंगे। उपाध्‍यक्ष अविश्‍वास प्रस्ताव के लिए मतदान की कार्यवाही शुरू करेंगे, जो मौजूदा अध्‍यक्ष के भाग्य का फैसला करेगा