ट्रेन पकड़ना था। ट्रेन दूसरे प्लेटफार्म पर खड़ी थी। जल्दी पहुंचने के लिए टीचर ने मालगाड़ी के नीचे से घुस कर ट्रेन पकड़ना चाहा। इस बीच मालगाड़ी चल पड़ी ... जानें फिर क्या हुआ
जाको राखे साईंया मार सके ना कोय। इसका अर्थ है कि, जिसके साथ ईश्वर होता है उसका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। और यही हुआ, बिहार के गया जिले के टनकुप्पा रेलवे स्टेशन पर। जब एक टीचर ने ट्रेन पकड़ने की जल्दबाजी में स्टेशन पहुंचने के लिए शार्टकट रास्ता अपनाया। और पास में खड़ी मालगाड़ी के नीचे से होकर गुजराने लगी। अगल—बगल के प्लेटफार्म पर खड़े लोग यह दृश्य देख रहे थे। और उस वक्त सभी अवाक रह गए, जब मालगाड़ी चलने लगी। चारों तरफ से शोर मच गया। सलाहों की बारिश होने लगी। तभी टीचर को एक आइडिया सूझा और यह आइडिया काम कर गया। टीचर की जान बच गई। और सांस रोक कर खड़े लोगों ने जब टीचर को सकुशल देख तो राहत की सांस ली। अब आप जानें की टीचर ने क्या जान बचाने के लिए क्या आइडिया अपनाया।
टनकुप्पा रेलवे स्टेशन पर जब सबकी सांस अटकी
मामला बिहार के गया जिले के टनकुप्पा रेलवे स्टेशन का है। जहां पर एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है। एक शिक्षिका के ऊपर से पूरी मालगाड़ी गुजर गई, फिर भी वह सुरक्षित बच निकली। टनकुप्पा पंचायत की बादिलगिहा गांव स्थित मिडिल स्कूल की शिक्षिका विनीता कुमारी अपने घर जाने के लिए ट्रेन पकड़ने के लिए शुक्रवार दोपहर टनकुप्पा स्टेशन पहुंची। मूल रूप से उत्तर प्रदेश की रहने वाली विनीता जब स्टेशन पहुंचीं, तो अप मेन लाइन पर वाराणसी-आसनसोल पैंसेजर ट्रेन खड़ी थी।
दोनों पटरियों के बीच लेट गई शिक्षिका
जल्दबाजी में ट्रेन पकड़ने को लेकर वह अप लूप लाइन पर पहले से खड़ी मालगाड़ी के नीचे से पार करने लगी। इसी दौरान मालगाड़ी खुल गई और शिक्षिका ट्रैक पर फंसी रह गई। इस दौरान आसपास के लोगों ने उसे दोनों पटरियों के बीच लेट जाने की सलाह दी।
मालगाड़ी गुजर गई और शिक्षिका सुरक्षित बची
शिक्षिका ने भी ऐसा ही किया। शिक्षिका के ऊपर से पूरी मालगाड़ी गुजर गई और वह सुरक्षित रही, तो आसपास के लोगों ने राहत की सांस ली। इस घटना में महिला के सिर में मामूली चोट आई है।