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JDU विधायक विभा देवी के बेटे की मौत पर बवाल, अस्पताल खिलाफ FIR दर्ज

बिहार के नवादा में JDU विधायक विभा देवी के बेटे की मौत पर अस्पताल पर मामला दर्ज किया गया है।

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पटना

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Devika Chatraj

Apr 03, 2026

JDU विधायक विभा देवी के बेटे की मौत (X)

बिहार के नवादा जिले में जनता दल यूनाइटेड (JDU) की विधायक विभा देवी और पूर्व राज्य मंत्री राजबल्लभ प्रसाद के 41 साल के बेटे अखिलेश कुमार की मौत के बाद एक परिजन ने अस्पताल के खिलाफ मुफस्सिल थाना में मामला दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई धर्मशीला देवी मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल पर डॉक्टरों की जांच और परिजनों की शिकायत के बाद की गई है। परिवार ने अस्पताल की लापरवाही व पैसे के लालच के कारण अखिलेश की मौत का आरोप लगाया है।

अस्पताल लाते टाइम होश में थे अखिलेश

परिवार के मुताबिक, 19 मार्च 2026 को सड़क हादसे में गंभीर रूप से चोटिल हुए अखिलेश को आंतरिक चोटों के साथ धर्मशीला देवी अस्पताल में लाया गया। अस्पताल पहुंचने पर वे होश में थे और अपनी हालत खुद बता रहे थे। लेकिन परिजनों का दावा है कि विशेषज्ञ डॉक्टरों की अनुपलब्धता के बावजूद अस्पताल प्रबंधन ने लगभग 7 घंटे तक उन्हें बिना उचित इलाज के रोके रखा।

गंभीर चोट और खून के थक्के

परिवार का कहना है कि दोपहर 1 बजे जांच में आंतरिक गंभीर चोट व खून के थक्के (ब्लड क्लॉट) की पहचान हो गई थी, लेकिन इसके बावजूद उचित चिकित्सीय उपचार नहीं दिया गया। परिजन यह भी आरोप लगा रहे हैं कि अस्पताल ने वेंटिलेटर‑युक्त एम्बुलेंस की व्यवस्था भी नहीं की, जिससे इलाज में और देरी हुई।

पटना रेफर करते समय रास्ते में ही हुई मौत

बाद में नालंदा से एम्बुलेंस बुलाकर अखिलेश को पटना रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में ही उनकी मृत्यु हो गई। परिवार का आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन ने केवल पैसे के लिए जानबूझकर देरी की, जिसके परिणामस्वरूप अखिलेश की जान चली गई।

अस्पताल पर गंभीर आरोप

पूर्व श्रम राज्यमंत्री राजबल्लभ प्रसाद ने नवादा के मुफस्सिल थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने अस्पताल के मालिक, प्रशासक और संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 304A (लापरवाही से मौत) सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की कथित मांग की है।

CCTV, मेडिकल रिकॉर्ड और रिपोर्टें

परिवार ने सीसीटीवी फुटेज, मेडिकल रिकॉर्ड, एक्स‑रे रिपोर्ट और रेफरल दस्तावेजों को मुख्य साक्ष्य बताया है। पुलिस जांच टीम ने अस्पताल से सीसीटीवी फुटेज पहले ही जब्त कर लिया है और मामले की गहन जांच जारी है।

अस्पताल के बाहर विरोध प्रदर्शन

घटना के बाद अस्पताल के बाहर विरोध प्रदर्शन हुए, जिसमें प्रदर्शनकारियों ने हत्यारा अस्पताल जैसे नारों के साथ अस्पताल प्रबंधन की निंदा की। विधायक विभा देवी और अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी अपने बयान दर्ज कराए हैं।

डॉक्टरों की अनुपलब्धता पर उठे सवाल

यह घटना निजी अस्पतालों में विशेषज्ञों की अनुपलब्धता, समय पर उचित उपचार और प्रभावी रेफरल व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। अब देखना यह होगा कि नवादा पुलिस जांच में क्या निष्कर्ष सामने आते हैं।