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अमेरिका- ईरान युद्ध के चलते भारत में ऊर्जा संकट के बीच रूस ने बढ़ाया हाथ, तेल-गैस सप्लाई बढ़ाने की पेशकश

Denis Manturov India visit: होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने और ईरान से जुड़े संघर्ष के कारण भारत को ऊर्जा और उर्वरक आपूर्ति में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

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भारत

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Ashib Khan

Apr 03, 2026

Russia oil supply to India

भारत के लिए रूस ने बढ़ाया मदद का हाथ (Photo-X @NarendraModi)

Russia oil Supply To India: अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी जंग से दुनिया में ऊर्जा संकट आ गया है। इसी बीच रूस ने भारत की तरफ हाथ बढ़ाया है। रूस ने भारत को अधिक तेल और प्राकृतिक गैस की आपूर्ति करने की पेशकश की है। दरअसल, यह प्रस्ताव रूस के प्रथम उप प्रधानमंत्री डेनिस मंटुरोव की भारत यात्रा के दौरान सामने आया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात कर ऊर्जा, उर्वरक, व्यापार और समन्वय जैसे अहम क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की।

भारत की जरूरतों को पूरा करने के लिए तैयार-रूस

रूसी दूतावास के अनुसार, रूस की कंपनियां भारत को तेल और एलएनजी (LNG) की आपूर्ति लगातार बढ़ाने में सक्षम हैं। रूस ने 2025 के अंत तक भारत को खनिज उर्वरकों की आपूर्ति में 40% तक बढ़ोतरी की है और आगे भी भारत की जरूरतें पूरी करने के लिए तैयार है। दोनों देश मिलकर यूरिया (कार्बोमाइड) उत्पादन की संयुक्त परियोजना पर भी काम कर रहे हैं।

दरअसल, होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने और ईरान से जुड़े संघर्ष के कारण भारत को ऊर्जा और उर्वरक आपूर्ति में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में रूस के साथ ऊर्जा सहयोग और अधिक महत्वपूर्ण हो गया है।

पीएम मोदी ने दी जानकारी

पीएम नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि बैठक में दोनों देशों के बीच व्यापार, उर्वरक, समन्वय और लोगों के बीच संबंधों को और मजबूत करने पर जोर दिया गया। उन्होंने पिछले साल दिसंबर में व्लादिमीर पुतिन की भारत यात्रा के दौरान हुए इंडिया-रूस शिखर सम्मेलन के पुरस्कारों को लागू करने के प्रयासों की सराहना भी की।

वहीं विदेश मंत्री जयशंकर ने बताया कि बातचीत में व्यापार, उद्योग, ऊर्जा, उर्वरक और गतिशीलता के साथ-साथ तकनीक, उन्नयन और महत्वपूर्ण उन्नयन में नए अवसरों पर भी चर्चा हुई। इसके अलावा पश्चिम एशिया में जारी तनाव जिसमें वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया गया।

रूस के प्रथम उप प्रधानमंत्री मंतुरोव की यह यात्रा ऐसे समय हुई है जब भारत ने रूस से पांच और S-400 वायु रक्षा प्रणाली खरीदने का फैसला किया है। यह फैसला पिछले साल पाकिस्तान के साथ हुए ऑपरेशन सिंदूर के दौरान इस सिस्टम के प्रदर्शन को देखते हुए लिया गया है।