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बिलकिस बानो केस के दोषियों को क्यों किया रिहा? सुप्रीम कोर्ट ने दो सप्ताह में गुजरात सरकर से मांगे दस्तावेज

SC in Bilkis Bano Case: सुप्रीम कोर्ट ने आज बिलकिस बानो केस में गुजरात सरकार को दो सप्ताह में दोषियों की रिहाई से जुड़े सभी दस्तावेज पेश करने को कहा है। इस मामले की सुनवाई अब तीन सप्ताह के बाद होगी।

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Bilkis Bano Case Supreme Court seeks Documents from Gujarat Government in 2 weeks

SC in Bilkis Bano Case: बिलकिस बानो केस के दोषियों की समय पूर्व हुई रिहाई के मामले में दायर याचिका पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। जिसमें सु्प्रीम कोर्ट ने गुजरात सरकार से दो सप्ताह में दोषियों की रिहाई से जुड़े सभी दस्तावेज कोर्ट में पेश करने को कहा है। सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस अजय रस्तोगी और जस्टिस बी वी नागरत्ना की पीठ ने गुजरात सरकार को सभी दस्तावेज दो सप्ताह में पेश करने को कहा।

बताया गया कि अब इस मामले की सुनवाई तीन सप्ताह बाद होगी। उससे पहले सुप्रीम कोर्ट दोषियों की रिहाई के संबंध में मिले दस्तावेजों को देखेगा। जिसके बाद इस याचिका पर आगे की सुनवाई होगी। मालूम हो कि गुजरात के 2002 के दंगे के दौरान बिलकिस बानो नामक मुस्लिम महिला के साथ गैंगरेप किया गया था। साथ ही उसकी आखों के सामने परिवार के पांच सदस्यों की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में उम्र कैद की सजा काट रहे 11 दोषियों को बीते माह रिहा कर दिया गया है। दोषियों की रिहाई के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी।


इससे पहले बिलकिस बानो रेप और हत्या के मामले में 11 दोषियों की रिहाई के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात सरकार को नोटिस जारी किया था। अब दोषियों की रिहाई से जुडे़ सभी दस्तावेज कोर्ट में पेश करने को कहा गया है। रिहा हुए बिलकिस के दोषियों को याचिकाकर्ताओं की तरफ से पक्ष न बनाने के चलते सुनवाई टल गई। दोषियों के वकील ऋषि मल्होत्रा ने मामले की सुनवाई टालने की गुहार लगाई थी। उन्होंने कहा कि कोर्ट के आदेश के बावजूद उन्हें पक्षकार नहीं बनाया गया है।

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दोषियों के वकील की दलील पर जस्टिस अजय रस्तोगी और जस्टिस बी वी नागरत्ना की पीठ ने पूछा कि आपने सुनवाई टालने की बात पहले कोर्ट के सामने क्यों नहीं रखी? उसके बाद कोर्ट ने ऋषि मल्होत्रा से कहा कि क्या वो सभी रिस्पोंडेंट्स की ओर से नोटिस दे सकते हैं? ऋषि ने कहा कि मुझे इस बारे में निर्देश लेने होंगे।

इस पर कोर्ट ने टिप्पणी की कि यहां हर किसी को इस केस के बारे में सब पता है लेकिन ये ही नहीं जानते। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात सरकार को 11 दोषियों को रिहा करने के आदेश व सभी दस्तावेज दो हफ्ते में पेश करने को कहा।

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