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गैस आयात पर निर्भरता घटाएगी बायोगैस, दस गुना बढ़ेगा उत्पादन

देश में गैस के आयात को घटाने के लिए सरकार ने बड़े फैसले लिए हैं। क्या करने वाली है सरकार? आइए जानते हैं।
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भारत

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Tanay Mishra

Aug 07, 2026

Biogas

बायोगैस (Representational Photo)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने गुरुवार को ऊर्जा और बुनियादी ढांचे से जुड़े दो बड़े फैसलों को मंजूरी दी। कैबिनेट ने 23,731 करोड़ रुपए की राष्ट्रीय गोबरधन (गैल्वेनाइज़िंग ऑर्गेनिक बायो-एग्रो रिसोर्स धन) योजना को स्वीकृति दी। वहीं असम (Assam) में बाइहाटा चारियाली से तेजपुर तक 135.87 किलोमीटर लंबे चार लेन राजमार्ग के निर्माण के लिए 8,970 करोड़ रुपए की मंजूरी दी। दोनों परियोजनाओं पर कुल 32,701 करोड़ रुपए खर्च होंगे।

बायोगैस का उत्पादन दस गुना बढ़ेगा

गोबरधन योजना का उद्देश्य देश में बायोगैस के उत्पादन को अगले दस वर्षों में लगभग दस गुना बढ़ाना है। इसके तहत गोबर, कृषि अवशेष, गन्ने की प्रेसमड और नगरों के जैविक कचरे से स्वच्छ ईंधन तैयार किया जाएगा।

गैस आयात पर निर्भरता होगी कम

सरकार का कहना है कि इस फैसले से प्राकृतिक गैस के आयात पर निर्भरता कम होगी और देश की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी। बायोगैस रासायनिक रूप से प्राकृतिक गैस के समान होती है और इसे मौजूदा गैस पाइपलाइन नेटवर्क में आसानी से इस्तेमाल किया जा सकता है।

गैस वितरण कंपनियों को बायोगैस मिश्रण के निर्देश

सरकार की इस योजना के तहत गैस उत्पादकों को स्थिर बाजार उपलब्ध कराने की व्यवस्था की है। सिटी गैस वितरण कंपनियों को वर्ष 2026-27 में सीएनजी और पीएनजी में 3%, 2027-28 में 4% और 2028-29 से 5% बायोगैस मिश्रण सुनिश्चित करना होगा। इससे बायोगैस संयंत्र लगाने वालों को अपनी गैस बेचने के लिए स्थायी बाजार मिलेगा और निजी निवेश को बढ़ावा मिलेगा।

गांवों में नए रोजगार के अवसर होंगे पैदा

सरकार का अनुमान है कि अगले दस वर्षों में इस योजना से 40 हज़ार करोड़ रुपए से ज़्यादा विदेशी मुद्रा की बचत, 1.5 लाख से ज़्यादा रोजगार और 250 मिलियन टन जैविक खाद का उत्पादन होगा। इसके अलावा 40 मिलियन टन से अधिक कार्बन उत्सर्जन में कमी आने की उम्मीद है। किसानों को गोबर और फसल अवशेष बेचकर अतिरिक्त आय मिलेगी, जबकि गांवों में नए रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।

असम में चार लेन हाईवे को मंजूरी

कैबिनेट ने असम में बाइहाटा चारियाली (गुवाहाटी के निकट) से मिशन चारियाली (तेजपुर के निकट) तक 135.87 किलोमीटर लंबे चार लेन राजमार्ग के निर्माण को भी मंजूरी दी। यह परियोजना 8,970 करोड़ रुपए की लागत से बीओटी (टोल) मॉडल पर विकसित होगी। सड़क को एक्सेस कंट्रोल कॉरिडोर के रूप में बनाया जाएगा। इस परियोजना से गुवाहाटी और तेजपुर के बीच यात्रा समय करीब साढ़े तीन घंटे से घटकर लगभग 1.7 घंटे रह जाएगा। साथ ही यह रक्षा दृष्टि से महत्वपूर्ण तेजपुर क्षेत्र, ब्रह्मपुत्र टनल तथा अरुणाचल प्रदेश से संपर्क को भी मजबूत करेगी। तेजपुर बाइपास पर 4.9 किलोमीटर लंबी आपातकालीन लैंडिंग सुविधा (इमरजेंसी एयरस्ट्रिप) विकसित की जाएगी, जिसे भारतीय एयरफोर्स के समन्वय से अंतिम रूप दिया गया है।

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