
झारखंड छात्र आंदोलन(फोटो-IANS)
Jharkhand Student Protest: झारखंड में जेपीएससी सिविल सेवा परीक्षा और भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर जारी छात्र आंदोलन के बीच बिहार कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि छात्रों की समस्या का समाधान केवल राज्य सरकार के स्तर पर संभव नहीं है और केंद्र सरकार को परीक्षा प्रणाली पर भरोसा बहाल करने की जिम्मेदारी निभानी चाहिए।
झारखंड में छात्रों के विरोध प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए बिहार कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने कहा कि बीजेपी असली मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि NEET पेपर लीक का मामला केंद्रीय स्तर का है, तो उसे राज्य के मुद्दों के साथ क्यों जोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि छात्रों की समस्याओं का समाधान कोई क्षेत्रीय दल या राज्य सरकार अकेले नहीं कर सकती। उनके अनुसार, परीक्षा प्रणाली से जुड़े मामलों में केंद्र सरकार की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। राजेश राम ने यह भी कहा कि जब देश में कई बार पेपर लीक की घटनाएं हो चुकी हैं, तो केंद्र सरकार को यह भरोसा दिलाना चाहिए कि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा नहीं होंगी।
रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में धरने पर बैठे छात्रों ने सरकार से बातचीत के लिए 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल का गठन किया है। प्रदर्शनकारियों की ओर से एसडीओ को सौंपी गई सूची के अनुसार, इस प्रतिनिधिमंडल में आठ छात्र, एक वकील और दो तकनीकी जानकार (पत्रकार) शामिल हैं।
छात्र प्रतिनिधियों में पीयूष कुमार सिंह, रविंद्र पासवान, राजेश प्रसाद, नीतू कुजूर, कार्तिक सोरेन, रविंद्र, अंकित कुमार और शालू सिंह को शामिल किया गया है। वकील और दो तकनीकी जानकार अभिभावक की भूमिका में रहेंगे और केवल मार्गदर्शन देंगे।
'जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म्स मंच' के बैनर तले छात्रों ने 25 जुलाई से रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में प्रदर्शन शुरू किया था। प्रदर्शनकारी छात्र 14वीं झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) सिविल सेवा परीक्षा रद्द करने और भर्ती परीक्षा में अनियमितताओं की सीबीआई या राज्य से बाहर के हाई कोर्ट के सेवानिवृत्त जजों की समिति से स्वतंत्र जांच कराने की मांग कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बुधवार को कहा था कि राज्य सरकार प्रदर्शन कर रहे छात्रों से बातचीत के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने आश्वासन दिया कि छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा और बातचीत के जरिए समाधान निकालने का प्रयास होगा।
Updated on:
06 Aug 2026 09:34 pm
Published on:
06 Aug 2026 09:34 pm
