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BJP: अमित शाह होंगे बंगाल के पर्यवेक्षक, जेपी नड्डा को असम की जिम्मेदारी

गृह मंत्री अमित शाह को बंगाल का पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है। वहीं जेपी नड्डा को असम की जिम्मेदारी दी गई है।

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भारत

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Anurag Animesh

May 05, 2026

amit shah

Amit shah

BJP: पांच राज्यों में चुनाव के बाद सरकार बनाने की कवायद शुरू हो गई है। इसी कड़ी में गृह मंत्री अमित शाह बंगाल का पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है। वहीं जेपी नड्डा को असम की जिम्मेदारी दी गई है। पश्चिम बंगाल और असम विधानसभा चुनाव में मिली बड़ी जीत के बाद अब भारतीय जनता पार्टी तेजी से अगला कदम उठा रही है। दोनों राज्यों में सरकार बनाने की तैयारी अब अंतिम दौर में पहुंचती नजर आ रही है। सबसे ज्यादा चर्चा पश्चिम बंगाल को लेकर हो रही है। यहां पहली भाजपा बार सरकार बनाने जा रही है इसलिए बीजेपी ने एक बड़ा फैसला लेते हुए पूरी जिम्मेदारी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को दे दी है। मुख्यमंत्री कौन होगा, इसका फैसला भी उनकी देखरेख में ही होगा।

जेपी नड्डा को असम की जिम्मेदारी


उधर असम में भी हलचल तेज हो गई है। यहां विधायक दल के नेता के चयन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। बीजेपी के संसदीय बोर्ड ने इसके लिए केंद्रीय पर्यवेक्षक और सह-पर्यवेक्षक नियुक्त कर दिए हैं, ताकि प्रक्रिया व्यवस्थित तरीके से पूरी हो सके। असम में इस जिम्मेदारी के लिए जेपी नड्डा को आगे किया गया है। वह विधायक दल की बैठक में मौजूद रहेंगे और नेता के चुनाव की पूरी प्रक्रिया को संभालेंगे। उनके अनुभव को देखते हुए पार्टी ने यह जिम्मेदारी सौंपी है। दोनों राज्यों में बीजेपी अब सरकार गठन को लेकर पूरी तरह एक्टिव मोड में है। जल्द ही नए मुख्यमंत्री के नाम सामने आ सकते हैं।

बंगाल चुनाव परिणाम


बंगाल चुनाव परिणाम की बात करें तो भाजपा राज्य में पहली बार सरकार बनाने जा रही है। बीजेपी को 206 सीटें मिलीं। वहीं ममता की पार्टी TMC सिर्फ 80 पर सिमट गई। कांग्रेस को इस चुनाव में 2 सीटें मिली। पिछले चुनाव की बात करें तो 2021 विधानसभा चुनाव की तुलना में TMC को 134 सीटों का नुकसान हुआ है।

कैसे जीती बीजेपी?

बीजेपी की जीत में सबसे बड़ा फैक्टर उनका जमीनी स्तर पर काम करना रहा। साथ ही ममता बनर्जी की 15 साल सत्ता में रहने के बाद जनता का टीएमसी से मोह भंग होना भी एक मुख्य कारण रहा। बीजेपी लगातार घर-घर जाकर बीजेपी के लिए काम करती रही। संगठन को मजबूत करना, कार्यकर्ताओं को तैयार करना और लगातार चुनावी रणनीति पर काम करना, इन सबने मिलकर यह नतीजा दिया।