
PM मोदी (ANI)
Iran Iraq War: मिडिल ईस्ट में अचानक तनाव इस कदर बढ़ गया है कि अब वहां रहने वाले बेकसूर भारतीय भी इसकी चपेट में आने लगे हैं। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के फुजैरा में एक अहम तेल फैसिलिटी पर हुए ईरानी ड्रोन हमले ने भारत की चिंताएं बढ़ा दी हैं। इस हमले में तीन भारतीय नागरिक गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। खाड़ी देशों में लाखों भारतीय काम करते हैं और उनकी सुरक्षा भारत के लिए सबसे बड़ी प्राथमिकता है। भारतीय नागरिकों पर आई इस घटना के तुरंत बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद मोर्चा संभाला और इस हमले की कड़े शब्दों में निंदा की।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस हमले को लेकर अपनी नाराजगी जताई। उन्होंने साफ शब्दों में संदेश देते हुए लिखा, 'यूएई पर हुए हमलों की कड़ी निंदा करते हैं, जिनमें तीन भारतीय नागरिक घायल हुए हैं। नागरिकों और बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना अस्वीकार्य है। भारत यूएई के साथ दृढ़ एकजुटता से खड़ा है और सभी मुद्दों के शांतिपूर्ण समाधान के लिए संवाद और कूटनीति के समर्थन को दोहराता है। होर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से सुरक्षित और निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करना क्षेत्रीय शांति, स्थिरता और वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
प्रधानमंत्री ने अपने इस बयान से साफ कर दिया कि भारत इस संकट की घड़ी में यूएई के साथ पूरी मजबूती से खड़ा है। साथ ही उन्होंने दुनिया को यह भी याद दिलाया कि 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' से जहाजों की सुरक्षित आवाजाही कितनी जरूरी है, क्योंकि पूरी दुनिया की ऊर्जा सुरक्षा (तेल सप्लाई) इसी रास्ते पर टिकी हुई है।
प्रधानमंत्री के बयान से ठीक पहले भारत के विदेश मंत्रालय ने भी इस घटना को लेकर अपनी गहरी चिंता और नाराजगी जताई थी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि फुजैरा में हुआ यह हमला, जिसमें हमारे तीन नागरिक घायल हुए हैं, वह किसी भी हाल में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने दोनों पक्षों से तुरंत युद्ध और हिंसा रोकने की अपील की। भारत ने कहा है कि मासूम नागरिकों और सरकारी या प्राइवेट संपत्तियों को निशाना बनाना तुरंत बंद होना चाहिए। भारत हमेशा से यह मानता रहा है कि मिडिल ईस्ट में शांति केवल बातचीत और कूटनीति के जरिए ही वापस आ सकती है।
इस बीच यूएई में मौजूद भारतीय दूतावास पूरी तरह अलर्ट पर है। दूतावास ने इस बात की पुष्टि की है कि हमले में घायल हुए तीनों भारतीय नागरिकों को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उन्हें बेहतरीन मेडिकल सुविधाएं दी जा रही हैं। भारतीय अधिकारी वहां के स्थानीय प्रशासन और डॉक्टरों के साथ लगातार संपर्क बनाए हुए हैं ताकि घायलों की हर संभव मदद की जा सके।
यह हमला ऐसे समय पर हुआ है जब अमेरिका और ईरान के बीच हुआ सीजफायर टूटने की कगार पर पहुंच गया है। यूएई का आरोप है कि ईरान ने उसके फुजैरा इलाके को निशाना बनाकर कई मिसाइलें और ड्रोन दागे, जिससे तेल डिपो में भीषण आग लग गई। हालांकि, यूएई के एयर डिफेंस सिस्टम ने कई मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया। यूएई ने अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार रहने की बात कही है। इस पूरे टकराव ने अब भारत सहित पूरी दुनिया की टेंशन बढ़ा दी है, क्योंकि इस रास्ते से तेल की सप्लाई रुकने का असर हर देश की जेब पर पड़ सकता है।
Updated on:
05 May 2026 02:42 pm
Published on:
05 May 2026 02:42 pm
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