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Lok Sabha Elections 2024: भाजपा-कांग्रेस ही नहीं, क्षेत्रीय दल भी सोशल मीडिया पर खेल रहे दांव, क्रिएटिव इंफ्लूएंशर्स पर खर्च किए करोड़ो रुपए

Lok Sabha Elections 2024: सोशल मीडिया पर नजर रखने वाली संस्था इंफीडिजिट के अनुसार सभी राजनीतिक दलों ने एक जनवरी से अब तक सिर्फ गूगल पर करीब 117 करोड़ रुपए खर्च किए हैं। भाजपा ने हर लोकसभा क्षेत्र में 300 इंफ्लूएंशर्स को पार्टी ने जोड़ा है। न्यूट्रल यूट्यूबर्स, इंस्टाग्राम पर रील बनाने और ब्लॉगर्स को भी जोड़ने की कवायद की जा रही है। कांग्रेस क्रिएटिव में वर्गों को टारगेट करती है। महिलाओं, युवाओं से जुड़े क्रिएटिव इंस्टाग्राम, यू-ट्यूब व फेसबुक पर और गंभीर विषयों के क्रिएटिव एक्स पर पोस्ट होते हैं।

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Know the social media strategy of political parties in elections…

पॉलिटिकल पार्टियाें की सोशल मीडिया डिटेल

Lok Sabha Elections 2024 लोकसभा चुनाव प्रचार अपने चरम पर है। गली-मुहल्लों और चौक-चौराहों लेकर बड़ी-बड़ी रैलियों और रोड-शो से माहौल बनाया जा रहा है। लेकिन, इस बार असली लड़ाई तो आभासी दुनिया (वर्चुअल प्लेटफॉर्म) में लड़ी जा रही है। सभी राजनीतिक दल सामर्थ्य के अनुसार मतदाताओं के दिमाग को पढ़कर 'माइंड हैकिंग' के प्रयास कर रहे हैं। फेसबुक, एक्स, यूट्यूब, इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्मों पर वीडियो, मीम्स और कार्टून को हथियार बनाकर छवि चमकाने और बिगाड़ने की होड़ लगी है। पार्टियों ने अपने-अपने साइबर योद्धाओं को मैदान में उतार रखा है। जो पल भर में अपने पसंदीदा की छवि चमकाने के साथ-साथ विरोधियों की छवि को धूल-धुसरित करने में माहिर हैं।

भाजपा ने आइटी सेल को बनाया धारदार


भाजपा ने सोशल मीडिया और आइटी सेल को नए तेवर दिए हैं। बॉलीवुड के लिए गीत और डॉयलाग लिखने वाले पार्टी की कैंपेनिंग के लिए कंटेंट बना रहे हैं तो आइआइटी और आइआइएम जैसे संस्थानों से निकले पेशेवर से भी 'वॉर रूम' से माहौल बनाने में जुटे हैं। ढाई लाख वाट्सऐप ग्रुप से बूथ लेवल तक के कार्यकर्ता जुटे हैं, पल भर में कोई भी मैसेज पार्टी वायरल करा देती है। विपक्ष अगर भाजपा के खिलाफ कोई आरोप लगाता है तो आइटी सेल जवाबी मैसेज वायरल करके आरोपों की हवा निकालने में लग जाती है।


विपक्षी नेताओं पर रहती है नजर


भाजपा की आइटी सेल और सोशल मीडिया टीम विपक्ष के सभी नेताओं की गतिविधियों की कड़ी मॉनीटरिंग करती है। विपक्ष के नेताओं के हर भाषण की छानबीन कर आइटी सेल ऐसे मसाले निकालने की कोशिश करता है, जिससे उनके खिलाफ माहौल बनाया जा सके। ऐसे-ऐसे वीडियो वायरल करने की कोशिश होती है, जिससे विपक्ष के नेताओं पर सवाल उठे।

पक्ष में नैरेटिव गढ़ रहे हैं कांग्रेस के योद्धा


कांग्रेस ने पिछले चुनावों से सबक लेते हुए इस बार सोशल मीडिया टीम को मजबूत किया है। दिल्ली, मुंबई समेत कुछ अन्य शहरों में प्रोफेशनल्स की मदद भी ली जा रही है। सोशल मीडिया टीम ज्यादा से ज्यादा लोगों के बीच कांग्रेस के नैरेटिव और एजेंडा पहुंचाने की कोशिश कर रही है। इसके साथ ही भाजपा पर सीधे वार करने के साथ भाजपा से कांग्रेस पर होने वाले सियासी हमलों पर तत्काल पलटवार भी किया जा रहा है। कांग्रेस व पार्टी के नेताओं की सोशल मीडिया पर रीच (पहुंच) भी बढ़ रही है।


बड़े नेताओं पर ज्यादा जोर


कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, कांग्रेस नेता राहुल गांधी के भाषण व पार्टी की सभी पत्रकार वार्ता लाइव करने के साथ उनके प्रमुख अंशों को छांट-छांट कर प्रमुख बातों के साथ सोशल मीडिया पर चलाना होता है। इसी तरह पार्टी के न्याय घोषणा पत्र की प्रमुख बातों को आकर्षक पंपलेट बनाकर पोस्ट किए जा रहे हैं।

आप करती है प्रोफेशनल्स का प्रयोग


पंजाब व दिल्ली में सरकार चला रही आप सोशल मीडिया पर खासी सक्रिय है। सोशल मीडिया पर अधिकांश काम प्रोफेशनल्स के भरोसे चलता है। पार्टी ने केंद्रीय स्तर से लेकर राज्यों तक सोशल मीडिया की अलग-अलग टीमें बना रखी हैं जो किसी भी समय किसी मुद्दे को वायरल करवाने में माहिर है।


डीएमके की हर गतिविधि पर नजर


दक्षिण में एमके स्टालिन की पार्टी द्रमुक जमीनी प्रचार के साथ ही सोशल मीडिया की राजनीति में भी चरम पर है। सीएम एमके स्टालिन की रैली हो या चाय की थड़ी पर उनका चाय पीना हो, डीएमके के एक्स हैंडल पर देखा जा सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण पर भी नजर रख सोशल मीडिया पर उसका जवाब दिया जा रहा है।

सिर्फ गूगल पर 117 करोड़ रुपए खर्च

- सोशल मीडिया पर नजर रखने वाली संस्था इंफीडिजिट के अनुसार सभी राजनीतिक दलों ने एक जनवरी से अब तक सिर्फ गूगल पर करीब 117 करोड़ रुपए खर्च किए हैं।

- भाजपा ने हर लोकसभा क्षेत्र में 300 इंफ्लूएंशर्स को पार्टी ने जोड़ा है। न्यूट्रल यूट्यूबर्स, इंस्टाग्राम पर रील बनाने और ब्लॉगर्स को भी जोड़ने की कवायद की जा रही है।

- कांग्रेस क्रिएटिव में वर्गों को टारगेट करती है। महिलाओं, युवाओं से जुड़े क्रिएटिव इंस्टाग्राम, यू-ट्यूब व फेसबुक पर और गंभीर विषयों के क्रिएटिव एक्स पर पोस्ट होते हैं।

- कांग्रेस की आइटी टीम में ज्यादातर पार्टी नेताओं व कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी दी गई है। इस टीम में काम करने वाले लोगों की उम्र 45 साल से कम है।

ये हैं साइबर सेना के चर्चित कमांडर


सुप्रिया श्रीनेत को कमान

कांग्रेस ने सोशल मीडिया व डिजिटल प्लेटफॉर्म विभाग का गठन किया। पत्रकार रही सुप्रिया श्रीनेत इसकी अध्यक्ष हैं। दो राष्ट्रीय समन्वयवक व 36 राष्ट्रीय सहसमन्वयक हैं। दिल्ली में करीब 50 से अधिक प्रोफेशनल्स की टीम काम कर रही है।

सोशल मीडिया पर किस पार्टी के हैं कितने फॉलोअर

एक्स- 2.17 करोड़
फेसबुक 1.6 करोड़
यूट्यूब 57 लाख
इंस्टाग्राम- 76 लाख

एक्स-650 लाख
फेसबुक-56 लाख
इंस्टाग्राम-12 लाख

एक्स- 9.32 लाख
फेसबुक - 9.13 लाख
इंस्टाग्राम - 76 हजार

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