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MP और छत्तीसगढ़ की 60 में 32 सीटों पर दलित-आदिवासी प्रत्याशी, भाजपा का डैमेज कंट्रोल या निशाना 2024

Dalit-Tribal candidates: दोनों राज्यों को मिलाकर भाजपा ने 60 में से 32 सीटें यानी की 50% से ज्यादा सीटों पर दलित और आदिवासियों को टिकट दिया है।

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 BJP fielded Dalit-Tribal candidates on 21 seats in 39, damage control or 2024 target

इस साल के अंत में मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान सहित 5 राज्यों में विधानसभा का चुनाव होने वाला है। उसे ध्यान में रखकर भाजपा ने कल यानी गुरुवार को मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के 60 सीटों पर प्रत्याशियों की अपनी पहली लिस्ट जारी कर दी। लेकिन देखने वाली बात इनमें ये है कि भाजपा सवर्णों की पार्टी कही जाने वाली भाजपा ने 60 में से 32 सीटें यानी की 50% से ज्यादा सीटों पर दलित और आदिवासियों को टिकट दिया है। इसे लेकर कई तरह की बातें आ रही है। लेकिन माना जा रहा है कि पार्टी ने 2024 को ध्यान में रखकर प्रत्याशी चुनें है।

पहले जान लेते है किस राज्य में कितने दलित-आदिवासी उम्मीदवार

दोनों राज्यों को मिलाकर भाजपा ने 60 में से 32 सीटें यानी की 50% से ज्यादा सीटों पर दलित और आदिवासियों को टिकट दिया है। मध्य प्रदेश के लिए, पार्टी ने पहली लिस्ट में 39 उम्मीदवारों में से आठ अनुसूचित जाति के उम्मीदवारों और 13 अनुसूचित जनजाति के उम्मीदवारों को चुना है। वहीं, छत्तीसगढ़ के लिए, पार्टी ने पहली लिस्ट में 21 उम्मीदवारों में से 1 अनुसूचित जाति के उम्मीदवारों और 10 अनुसूचित जनजाति के उम्मीदवारों को चुना है।

लोकसभा की 131 सीटें दलितों और आदिवासियों के लिए रिजर्व

पिछले दो लोकसभा चुनावों से बीजेपी की सत्ता में वापसी में रिजर्व सीटों का बड़ा योगदान रहा है। 2014 और 2019 के चुनाव में रिजर्व सीटों पर बीजेपी सबसे बड़ी खिलाड़ी बनकर सामने आई। अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित 131 लोकसभा सीटों में बीजेपी ने 2019 में 86 सीटें जीती थीं. वहीं, 2014 में बीजेपी को 60 फीसदी रिजर्व सीटों पर जीत मिली थी। पार्टी इन सभी सीटों को किसी भी कीमत पर गंवाना नहीं चाहती। यह भी एक बड़ा कारण माना जा रहा है कि पार्टी ने अपनी चाल के जरिए दलितों के दिल में उतरने की कोशिश की है।

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