
अनिल कुमार यादव (File Photo)
कांग्रेस (Congress) नेता मीनाक्षी नटराजन (Meenakshi Natarajan) का मध्य प्रदेश से राज्यसभा चुनाव का नामांकन रद्द होना विवाद की वजह बना हुआ है। कांग्रेस की तरफ से इसे लोकतंत्र पर हमला बताया जा रहा है, जबकि भारतीय जनता पार्टी - बीजेपी (Bharatiya Janata Party- BJP) का कहना है कि नटराजन का नामांकन रद्द होना सही है क्योंकि उन्होंने अपने हलफनामे में जानकारी छिपाई है। अब इस मामले में कांग्रेस नेता और तेलंगाना से कांग्रेस के राज्यसभा सांसद अनिल कुमार यादव (Anil Kumar Yadav) ने बीजेपी पर निशाना साधा है।
नटराजन का नामांकन रद्द होने पर तेलंगाना से कांग्रेस के राज्यसभा सांसद यादव ने बीजेपी पर आरोप लगाते हुए कहा, "मीनाक्षी नटराजन के साथ जो हुआ, वो बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। बीजेपी 'वोट चोरी' करके सरकार बनाती है और अब वो 'सीट चोरी' कर रही है।"
नटराजन के राज्यसभा नामांकन रद्द होने पर कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। इस मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति पी के मिश्रा और न्यायमूर्ति ए एस चंदूरकर की बेंच ने की। वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी और विवेक तन्खा ने कोर्ट के सामने नटराजन का पक्ष रखा। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने साफ कर दिया कि नामांकन रद्द होने के बाद प्रत्याशी को चुनाव आयोग के पास जाना चाहिए, क्योंकि आज तक ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया है जिसमें कोर्ट ने किसी का नामांकन रद्द करने के फैसले में हस्तक्षेप किया हो।
नटराजन का मध्य प्रदेश से राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन 9 जून को रिटर्निंग अधिकारी अरविंद शर्मा द्वारा खारिज कर दिया गया। बीजेपी के प्रदेश महामंत्री राहुल कोठारी (Rahul Kothari) और पार्टी उम्मीदवार महेश केवट (Mahesh Kewat) ने शिकायत दर्ज कराई थी कि नटराजन के नामांकन के साथ दाखिल हलफनामे में तेलंगाना के हैदराबाद में 2025 में एक प्राइवेट शिकायत का खुलासा नहीं किया गया था। यह शिकायत एक पूर्व टीडीपी पार्षद द्वारा दर्ज कराई गई थी। रिटर्निंग अधिकारी ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कहा कि हलफनामे में ज़रूरी जानकारी अधूरी थी। इसके बाद उनका नामांकन रद्द कर दिया गया और केवट को जीत मिल गई।
Updated on:
14 Jun 2026 01:31 pm
Published on:
14 Jun 2026 12:42 pm
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