14 जून 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

‘वोट चोरी से सरकार बनाती है बीजेपी और अब कर रही है सीट चोरी’, मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने पर कांग्रेस सांसद अनिल कुमार यादव का बड़ा बयान

Anil Kumar Yadav Slams BJP: मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने पर कांग्रेस सांसद अनिल कुमार यादव ने बीजेपी पर निशाना साधा है। क्या कहा यादव ने? आइए जानते हैं।

2 min read
Google source verification

भारत

image

Tanay Mishra

Jun 14, 2026

Anil Kumar Yadav

अनिल कुमार यादव (File Photo)

कांग्रेस (Congress) नेता मीनाक्षी नटराजन (Meenakshi Natarajan) का मध्य प्रदेश से राज्यसभा चुनाव का नामांकन रद्द होना विवाद की वजह बना हुआ है। कांग्रेस की तरफ से इसे लोकतंत्र पर हमला बताया जा रहा है, जबकि भारतीय जनता पार्टी - बीजेपी (Bharatiya Janata Party- BJP) का कहना है कि नटराजन का नामांकन रद्द होना सही है क्योंकि उन्होंने अपने हलफनामे में जानकारी छिपाई है। अब इस मामले में कांग्रेस नेता और तेलंगाना से कांग्रेस के राज्यसभा सांसद अनिल कुमार यादव (Anil Kumar Yadav) ने बीजेपी पर निशाना साधा है।

"बीजेपी कर रही है सीट चोरी"

नटराजन का नामांकन रद्द होने पर तेलंगाना से कांग्रेस के राज्यसभा सांसद यादव ने बीजेपी पर आरोप लगाते हुए कहा, "मीनाक्षी नटराजन के साथ जो हुआ, वो बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। बीजेपी 'वोट चोरी' करके सरकार बनाती है और अब वो 'सीट चोरी' कर रही है।"

सुप्रीम कोर्ट से भी नहीं मिली राहत

नटराजन के राज्यसभा नामांकन रद्द होने पर कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। इस मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति पी के मिश्रा और न्यायमूर्ति ए एस चंदूरकर की बेंच ने की। वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी और विवेक तन्खा ने कोर्ट के सामने नटराजन का पक्ष रखा। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने साफ कर दिया कि नामांकन रद्द होने के बाद प्रत्याशी को चुनाव आयोग के पास जाना चाहिए, क्योंकि आज तक ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया है जिसमें कोर्ट ने किसी का नामांकन रद्द करने के फैसले में हस्तक्षेप किया हो।

किस वजह से रद्द हुआ नटराजन का नामांकन?

नटराजन का मध्य प्रदेश से राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन 9 जून को रिटर्निंग अधिकारी अरविंद शर्मा द्वारा खारिज कर दिया गया। बीजेपी के प्रदेश महामंत्री राहुल कोठारी (Rahul Kothari) और पार्टी उम्मीदवार महेश केवट (Mahesh Kewat) ने शिकायत दर्ज कराई थी कि नटराजन के नामांकन के साथ दाखिल हलफनामे में तेलंगाना के हैदराबाद में 2025 में एक प्राइवेट शिकायत का खुलासा नहीं किया गया था। यह शिकायत एक पूर्व टीडीपी पार्षद द्वारा दर्ज कराई गई थी। रिटर्निंग अधिकारी ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कहा कि हलफनामे में ज़रूरी जानकारी अधूरी थी। इसके बाद उनका नामांकन रद्द कर दिया गया और केवट को जीत मिल गई।