
ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी photo source patrika.com
पश्चिम बंगाल में चुनावी शिकस्त के बाद तृणमूल कांग्रेस की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही है। पार्टी टूट के कगार पर पहुंच चुकी है। दूसरी तरफ पार्टी में नंबर दो की हैसियत रखने वाले अभिषेक बनर्जी पर कोलकाता पुलिस की CID टीम का शिकंजा कसता जा रहा है।
तृणमूल कांग्रेस के महासचिव और पार्टी के लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी आज पश्चिम बंगाल पुलिस के अपराध जांच विभाग (CID) मुख्यालय में हस्ताक्षर मिलान मामले में पूछताछ के लिए पेश होंगे।
दरअसल पूरा मामला पश्चिम बंगाल विधानसभा में जमा किए गए एक आधिकारिक दस्तावेज पर कुछ तृणमूल विधायकों के हस्ताक्षरों से जुड़ा है। इस मामले में अभिषेक बनर्जी को CID के सामने दूसरी बार पूछताछ के लिए हाजिर होना पड़ रहा है। इससे पहले उन्हें 11 जून की शाम को पूछताछ के लिए बुलाया गया था। तब कोलकाता पुलिस ने छह घंटे तक पूछताछ की थी। उस समय वे पूछताछ के लिए इसलिए पेश हुए थे, क्योंकि कलकत्ता हाईकोर्ट की एकल पीठ ने उन्हें 11 जून को शाम 6 बजे तक सीआईडी कार्यालय में पेश होने की समयसीमा तय की थी।
वहीं, पत्रकार से नेता बने तृणमूल कांग्रेस विधायक कुणाल घोष को भी इस मामले में रविवार को दक्षिण कोलकाता के भवानी भवन स्थित सीआईडी मुख्यालय में पूछताछ के लिए बुलाया गया है। संभावना जताई जा रही है कि सीआईडी टीम अभिषेक बनर्जी और कुणाल घोष से एक साथ पूछताछ कर सकती हैं।
अभिषेक बनर्जी को सोमवार और मंगलवार को भी लगातार पूछताछ के लिए पेश होना होगा। सोमवार को उन्हें पश्चिम बंगाल के कैश फॉर स्कूल जॉब मामले में प्रवर्तन निदेशालय द्वारा सॉल्ट लेक स्थित कार्यालय में पूछताछ के लिए बुलाया गया है। ईडी ने उन्हें इस मामले में 3 जून को नोटिस जारी किया था।
इसके अलावा, मंगलवार को उन्हें एक अन्य मामले में सीआईडी मुख्यालय में फिर से पेश होना होगा। इस मामले में उन पर विधानसभा चुनाव से पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को धमकाने और हिंसा भड़काने के आरोप लगे हैं। इस मामले में सीआईडी अधिकारियों ने उन्हें 12 जून की शाम को नोटिस भेजा था।
Updated on:
14 Jun 2026 01:35 pm
Published on:
14 Jun 2026 01:35 pm
