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मारवाड़ के भाजपा नेताओं ने की राजनाथ-गड़करी से भेंट

- शेरगढ़ में केंद्रीय विद्यालय व ईसीएचएस की मंजूरी का अनुरोध

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मारवाड़ के भाजपा नेताओं ने की राजनाथ-गड़करी से भेंट

मारवाड़ के भाजपा नेताओं ने की राजनाथ-गड़करी से भेंट

नई दिल्ली। मारवाड़ के करीब आधा दर्जन नेताओं ने यहां रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह तथा सड़क व परिवहन मंत्री नीतिन गड़करी से मुलाकात कर क्षेत्रीय विकास के मुद्दों के साथ राजस्थान में आगामी विधानसभा चुनाव की स्थिति पर चर्चा की। इस दौरान नेताओं ने जोधपुर के पूर्व सैनिक बाहुल्य शेरगढ़ में केंद्रीय विद्यालय व ईसीएचएस क्लिनिक खोलने की मंजूरी देने का अनुरोध किया।

राज्यसभा सदस्य व वरिष्ठ भाजपा नेता राजेंद्र गहलोत के नेतृत्व में राजस्थान के पूर्व मंत्री पुष्पेंद्र सिंह, शेरगढ़ के पूर्व विधायक बाबूसिंह राठौड़, बाड़मेर के भाजपा नेता पीयूष डोसी के अलावा जालोर व सिरोही के भाजपा नेता राजनाथ से मिलने पहुंचे। राजनाथ की गत दिनों शेरगढ़ क्षेत्र में जनसभा के दौरान माइक छीनने का वीडियो वायरल होने से चर्चा में आए राठौड़ ने राजनाथ को चार मांगों के अलग अलग ज्ञापन सौंपे। इनमें सेखाला-चामूं में केंद्रीय विद्यालय खोलने, जेसीओ रैंक से नीचे वाले सैन्य कर्मियों के लिए वन रैंक-वन पेंशन की विसंगतियां दूर करने, गौरव सैनानियों के लिए शेरगढ़ में ईसीएचएस के तहत क्लिनिक खोलने तथा जोधपुर के हवाई अड्डे का नाम महाराजा उम्मेदसिंह व जोधपुर एम्स का नामकरण मीरा बाई के नाम करने की मांगे प्रमुख हैं।

भाजपा नेताओं ने राजनाथ से आर्थिक आधार पर आरक्षण की विसंगतियों का निस्तारण करवाने का अनुरोध करते हुए कहा कि ईडब्ल्यूएस आरक्षण में अधिकतम आयु सीमा बढ़ाने, फीस आदि में अन्य वर्गों को मिले आरक्षण की तरह छूट का प्रावधान तथा व ईडब्ल्यूएस वर्ग के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान बढ़ाकर 14 प्रतिशत किया जाना चाहिए। इस मामले में राज्य सरकार ने गेंद केंद्र के पाले में डाल रखी है। बाद में ये नेता गड़करी से मिलने उनके निवास स्थान पर पहुंचे।

आवासीय क्षेत्रों से हटे प्रतिबंध

गहलोत ने सैन्य संस्थानों के 100 मीटर के दायरे में निर्माण पर लगाए गए प्रतिबंध के मामले में आवासीय क्षेत्रों को मुक्त करने का अनुरोध किया। उनका कहना था कि आयुद्ध डिपो व सामरिक दृष्टि से अहम ठिकानों के मामले में तो ये प्रतिबंध लगाया जा सकता है, लेकिन जोधपुर व अन्य इलाकों में जहां सैन्य व सिविल बस्तियां आपस में सटी है, वहां इस प्रतिबंध से राहत दी जानी चाहिए।