
BJP अध्यक्ष चंद्रशेखर के बयान से सियासी बहस हुई तेज (File Photo)
New BJP President: बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए (NDA) की शानदार जीत के बाद भाजपा (BJP) में लंबित राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव पर ध्यान केंद्रित हो गया है। जेपी नड्डा (JP Nadda) का कार्यकाल जनवरी 2020 से चल रहा है, जिसे लोकसभा चुनाव और अन्य वजहों से कई बार बढ़ाया गया। अब पार्टी संगठनात्मक प्रक्रिया को तेज कर नए अध्यक्ष की तलाश में जुटी है।
बिहार में 243 सीटों वाली विधानसभा में एनडीए ने दो-तिहाई से अधिक बहुमत हासिल किया, जिसने पार्टी का मनोबल बढ़ाया और आंतरिक नेतृत्व परिवर्तन की चर्चाओं को गति दी। गुरुवार को संगठनात्मक चुनाव प्रभारी के. लक्ष्मण (राज्यसभा सांसद और ओबीसी मोर्चा प्रमुख) को पार्टी मुख्यालय में सहयोगियों से विचार-विमर्श करते देखा गया, जो परिवर्तन की संभावना का पहला संकेत माना जा रहा है।
संविधान के मुताबिक, राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनाव से पहले कम से आधी राज्य इकाइयों (19 राज्यों) में संगठनात्मक चुनाव पूरे होना जरूरी है। 2025 मध्य तक महाराष्ट्र, उत्तराखंड, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, पुडुचेरी और मिजोरम समेत कई राज्यों में नए अध्यक्ष नियुक्त हो चुके हैं। हालांकि, उत्तर प्रदेश में अभी भी अनिर्णय की स्थिति बनी हुई है।
सूत्रों के हवाले से खबर है कि शुरुआती 50 के दशक का कोई नेता, जिसके पास मजबूत संगठनात्मक अनुभव हो, को लंबी अवधि की दृष्टि से कमान सौंपी जाएगी। राज्य, जिला और मंडल स्तर पर ज्यादातर नए पदाधिकारी 50 साल से कम उम्र के हैं। नेतृत्व परिवर्तन के बाद पीएम मोदी के तीसरे कार्यकाल की पहली कैबिनेट फेरबदल की भी संभावना जताई जा रही है।
पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और सूत्रों के अनुसार, राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव बंगाल विधानसभा चुनाव (2026) तक टलने की पूरी संभावना है। भाजपा ने पहले ही दिल्ली और बिहार जैसे चुनावों के कारण प्रक्रिया को टाला है, और अब बंगाल की तैयारी को प्राथमिकता देने के लिए इसी रणनीति को अपनाया जा सकता है। बिहार की जीत के बाद बंगाल में NDA की मजबूती को देखते हुए, पार्टी नया नेतृत्व स्थापित करने से पहले राज्य स्तर की रणनीति पर फोकस करना चाहती है। हालांकि, संगठनात्मक चुनावों की प्रक्रिया तेज हो रही है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि अंतिम निर्णय 2026 के मध्य तक ही लिया जाएगा, ताकि बंगाल चुनावों में नया चेहरा प्रभावी भूमिका निभा सके।
चर्चा में कई नाम हैं, जिनमें केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर, शिवराज सिंह चौहान, धर्मेंद्र प्रधान और भूपेंद्र यादव शामिल हैं। पार्टी सूत्रों का कहना है कि प्रक्रिया जल्द पूरी कर नड्डा की जगह नए चेहरे को लाया जाएगा, ताकि 2029 के लोकसभा चुनाव की तैयारी मजबूत हो सके।
Updated on:
15 Nov 2025 04:52 pm
Published on:
15 Nov 2025 04:12 pm
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