
Indian Bonds: भारतीय बॉन्ड बाजार में जबरदस्त तेजी आने की उम्मीद है। भारत सरकार के 27 बॉन्ड्स 28 जून को जेपी मॉर्गन इमर्जिंग मार्केट्स बॉन्ड इंडेक्स में शामिल हो जाएंगे, इससे उसी दिन भारतीय बॉन्ड बाजार में 2 अरब डॉलर यानी 16,500 रुपए से अधिक विदेशी निवेश आने की उम्मीद है। इस इंडेक्स में शामिल होने से जून 2024 से मार्च 2025 के बीच भारतीय बॉन्ड मार्केट में हर माह 2 अरब डॉलर यानी कुल कुल 20 अरब डॉलर (1.67 लाख करोड़ रुपए) विदेशी निवेश आने की उम्मीद है, क्योंकि जेपी मॉर्गन अपने इंडेक्स में भारतीय बॉन्ड का वेटेज हर माह 1% बढ़ाकर अगले साल मार्च तक 10% पर ले जाएगा, जो चीन के बाद सबसे अधिक होगा।
इसके अलावा जनवरी 2025 से अक्टूबर 2025 के बीच भारतीय बॉन्ड ब्लूमबर्ग ग्लोबल इंडेक्स में भी शामिल होंगे। इन दोनों ग्लोबल बॉन्ड इंडेक्स में शामिल होने की घोषणा के बाद वर्ष 2024 में अब तक भारतीय बॉन्ड बाजार में करीब 7.74 अरब डॉलर यानी 65,000 करोड़ रुपए का विदेशी निवेश आया है, जो वर्ष 2017 के 14.54 अरब डॉलर के बाद सबसे अधिक यानी 7 साल की रेकॉर्ड ऊंचाई पर है। विशेषज्ञों को इस साल भारतीय बॉन्ड्स में अब तक का सर्वाधिक विदेशी निवेश आने की उम्मीद है।
माह निवेश राशि
जनवरी 19,837
फरवरी 22,419
मार्च 13,602
अप्रेल -10,949
मई 8,761
जून 10,575
(निवेश राशि करोड़ रुपए में)
वित्तीय स्थिरता: ग्लोबल बॉन्ड इंडेक्स में भारतीय बॉन्ड के शामिल होने का मतलब है कि विदेशी निवेशकों के लिए देश पर्याप्त वित्तीय स्थिरता की स्थिति में पहुंच गया है।
सस्ता कर्ज: इससे भारत सरकार और भारतीय कंपनियों के लिए कर्ज सस्ता हो जाएगा और वे बॉन्ड जारी कर कम ब्याज दर पर राशि जुटा पाएंगे।
रुपए को मजबूती: ग्लोबल बॉन्ड इंडेक्स में भारत के शामिल होने से विदेशी निवेशकों को इंडेक्स के वेटेज के मुताबिक, भारतीय बॉन्ड्स में निवेश करना होगा। इसके लिए डॉलर को रुपए में बदलने की जरूरत होगी, जिससे रुपए में मजबूती आएगी।
डेट फंड्स का बढ़ेगा रिटर्न: भारतीय बॉन्ड्स में निवेश बढऩे से बॉन्ड की कीमतें बढ़ेंगी यील्ड में गिरावट आएगी, जिससे लंबी अवधि वाले डेट फंड्स का रिटर्न बढ़ जाएगा।
Published on:
24 Jun 2024 01:13 pm
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