
मध्यप्रदेश के सांची में भगवान बुद्ध के मंदिर में तलघर में रखीं शिष्य सारिपुत्र और महामोगल्यान की अस्थियां एक माह तक थाईलैंड में शांति का अहसास कराएंगी। सांची में 1952 से रखी अस्थियों को 72 साल बाद पहली बार निकाला गया है। अस्थियों को थाईलैंड और कंबोडिया विहार ले जाने की अनुमति भारत सरकार ने दी है।
बुधवार को संस्कृति मंत्रालय और मप्र शासन के संस्कृति विभाग के निर्देशानुसार अस्थियों को महाबोधी सोसायटी श्रीलंका के प्रमुख वानगल उपतिस्स नायक थेरो की उपस्थिति में कलेक्टर अरविंद दुबे ने राष्ट्रीय संग्रहालय के प्रतिनिधि डीजे प्रदीप को सुरक्षित तरीके से सौंपा। अस्थियां 22 फरवरी से 18 मार्च तक थाईलैंड में दर्शनार्थ रखी जाएंगी। अस्थियों को बाहर लाते समय गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।
भोपाल से पवित्र अवशेषों को दिल्ली ले जाया गया
भोपाल से पवित्र अवशेषों को हवाई जहाज के माध्यम से दिल्ली ले जाया गया इसके बाद वहां से बैंकाक, थाईलैंड और कंबोडिया विहार दर्शन के लिए ले जाया जाएगा। यह पवित्र अवशेष वहां 22 फरवरी से 18 मार्च तक दर्शनार्थ हेतु रहेंगे और इसके बाद इनको वापस यथास्थान सांची में सुरक्षित रखे जाएंगे।
शासन के निर्देशानुसार महाबोधी सोसायटी श्रीलंका के अध्यक्ष वानगल उपतित्स्स की उपस्थिति में कलेक्टर अरविंद दुबे द्वारा द्वारा शिष्य अर्हन्त सारिपुत्र और अर्हंत महामोगल्यान के पवित्र अवशेषों को राष्ट्रीय संग्रहालय के प्रतिनिधि डीजे प्रदीप को सुरक्षित तरीके से पूर्ण प्रक्रिया का अभिलेखीकरण, वीडियोग्राफी तथा पंचनामा तैयार कर सौंपा गया है। इस अवसर पर आईबीसी के डायरेक्टर विजयेंद्र थापा, पुलिस अधीक्षक विकास शहवाल भी साथ रहे।
Published on:
15 Feb 2024 08:59 am
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