
पुतिन के करीबी ने ट्रंप को चिड़ाते हुए ग्रीनलैंड पर कब्जा करने की चेतावनी दी (Photo-X)
Medvedev Trump Mockery: ग्रीनलैंड का विवाद अब व्यापक मुद्दा बनता जा रहा है। पहले डेनमार्क और अमेरिका एक-दूसरे को सैन्य कार्रवाई की धमकी दे रहे थे। अब इस मुद्दे पर रूस भी अपनी भूमिका रखने जा रहा है। ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहले ही बड़े-बड़े दावे कर चुके हैं, जो यह दिखाता है कि ट्रंप ग्रीनलैंड के लिए कितने बैचेन हैं। हालांकि रूस ने ट्रंप की बैचेनी का मजाक उठाने की कोशिश की है।
हाल ही में रूसी सुरक्षा परिषद के उपाध्यक्ष और पुतिन के बेहद करीबी दिमित्री मेदवेदेव ने एक पोस्ट शेयर किया है। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को ग्रीनलैंड पर चेतावनी दी है। उपाध्यक्ष दिमित्री ने लिखा कि ट्रंप को ग्रीनलैंड पर कब्जा करना है, तो जल्दी कर लेना चाहिए। दिमित्री ने ट्रंप की चुटकी लेते हुए कहा कि ट्रंप ग्रीनलैंड के लिए बहुत उतारू हैं, लेकिन उन्हें पता होना चाहिए कि वहां जल्द ही अप्रत्याशित जनमत संग्रह हो सकता है और वहां के लोग रूस में शामिल होने के लिए वोटिंग कर सकते हैं।
रूसी मीडिया के अनुसार, उपाध्यक्ष दिमित्री का एक्स पोस्ट अमेरिका के राष्ट्रपति और उनकी ग्रीनलैंड पर कब्जा करने की इच्छा पर एक बहुत बड़ा व्यंग्य है। साथ ही दिमित्री ने इसे मजाकिया लहजे में लिखा है।
दिमित्री ने यहां तक बोला कि अगर अमेरिका जल्द ही ग्रीनलैंड पर कब्जा करने में सफल नहीं होता है, तो अमेरिकी झंडे पर कोई नया सितारा नहीं जुड़ेगा। हालांकि रूस को अपना 90वां संघीय विषय मिल जाएगा। दिमित्री ने ट्रंप का मजाक उठाते हुए कहा कि अगर अमेरिका ट्रंप सरकार के रहते हुए ग्रीनलैंड पर कब्जा करता है, तो वह खुद को ग्रीनलैंड का कार्यकारी राष्ट्रपति समझेंगे और विश्व स्तर पर सुर्खियां बटोरने का काम करेंगे। दिमित्री ने वेनेजुएला का उदाहरण देते हुए ऐसा कहा था।
जानकारों का मानना है कि दिमित्री का यह पोस्ट भले ही मजाकिया लहजे में लिखा हो, लेकिन उनकी यह राजनैतिक चुटकी डोनाल्ड ट्रंप को झिंझोड़ने के लिए काफी है। साथ ही यह भी कहा जा रहा है कि दिमित्री की यह प्रतिक्रिया रूस की ओर से ट्रंप को आर्कटिक क्षेत्र में चुनौती देने का एक तरीका हो सकता है।
बता दें कि ट्रंप ने 2019 में पहली बार ग्रीनलैंड को खरीदने की इच्छा जाहिर की थी। अब 2026 में उन्होंने फिर से कहा है कि अमेरिका को ग्रीनलैंड पर नियंत्रण हासिल करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए जरूरी है, अगर अमेरिका ऐसा नहीं करता, तो रूस या चीन कब्जा कर सकते हैं। साथ ही ग्रीनलैंड में प्राकृतिक संसाधनों की भरमार है और रूस पहले से ही आर्कटिक में नए बेस और अभ्यास के जरिये सैन्य उपस्थिति बढ़ा रहा है।
जानकारों का मानना है कि दिमित्री का बयान रूस की इस रणनीति का हिस्सा हो सकता है, जिससे वह अमेरिका को बताना चाहता है कि रूस आर्कटिक क्षेत्र में प्रमुख शक्ति है और किसी भी अमेरिकी कदम का जवाब देने में सक्षम है।
Updated on:
13 Jan 2026 05:34 pm
Published on:
13 Jan 2026 05:34 pm
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