
मानव तस्करी और बाल अपराध को खत्म करने के लिए सीमा जागरूकता अभियान
अनुराग मिश्रा। नई दिल्ली /मुर्शिदाबाद (पश्चिम बंगाल): भारत के सीमा प्रहरी ,सीमा सुरक्षा बल के जवान न सिर्फ़ सीमा पार से आने वाले ख़तरे से निपटते हैं बल्की आंतरिक की कुरीतियों और अपराधों का मुक़ाबला करने के लिए भी मज़बूत कदम से डटे रहते हैं।
भारत-बांग्लादेश सीमा पर तैनात बीएसएफ इस सीमावर्ती इलाकों में जागरूकता लाने के लिए अभियान चला रहा है। BSF की कोशिश है कि इलाक़े के बच्चों को सामाजिक बुराइयों और आंतरिक खतरों को लेकर न सिर्फ़ जागरूक किया जाए बल्कि उनसे लड़ने के लिए भी तैयार किया जाए।
इसी के तहत दक्षिण बंगाल की बॉर्डर के चेक पोस्ट जालंगी में बीएसएफ की 141वीं वाहिनी की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) और ‘आश्रय ट्रस्ट’ एनजीओ ने मिलकर अभियान की शुरुआत की। जालंगी बालिका स्कूल में मानव तस्करी की रोकथाम और अन्य अपराधों से संबंधित एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया।
इस जागरुकता कार्यक्रम में बीएसएफ की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) ने छात्राओं को मानव तस्करी, बाल विवाह, बाल शोषण, बाल श्रम, लैंगिक भेदभाव, सोशल मीडिया का गलत तरीके से इस्तेमाल होना और शिक्षा के महत्व इत्यादि विषयों पर जानकारी दी। जागरूकता कार्यक्रम में स्कूल के 11 शिक्षकों, 160 लड़कियों और 02 एनजीओ के सदस्यों ने हिस्सा लिया।
बीएसएफ, दक्षिण बंगाल सीमांत के प्रवक्ता डीआईजी ए के आर्य ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम सीमावर्ती आबादी और बीएसएफ के बीच बेहतर संबंध बनाने के लिए समय–समय पर आयोजित किये जाते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि बच्चों को अच्छा नागरिक बनाने के लिए अच्छी शिक्षा देने की आवश्यकता है।
शिक्षकों और छात्राओं ने इस कार्यक्रम के लिए बीएसएफ का आभार व्यक्त किया और जवानों से भविष्य में भी इस तरह का जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने का आग्रह किया।
Updated on:
29 Jul 2023 01:41 pm
Published on:
29 Jul 2023 01:40 pm
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