Budget 2023: व‍ित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की तरफ से आज देश का आम बजट पेश क‍िया जाएगा। इस बार के बजट में सरकार के सामने महंगाई को न‍ियंत्र‍ित करने की सबसे बड़ी चुनौती है। इस बजट से आम आदमी से लेकर खास तक काफी उम्‍मीदें हैं। उम्‍मीद की जा रही है क‍ि नौकरी क्‍लॉस की आयकर पर सालों पुरानी मांग पूरी हो सकती है।
Budget 2023: देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज वर्ष 2023-24 का बजट पेश करने जा रही है। इस बजट से उद्योगपतियों के साथ-साथ आम लोगों को नरेंद्र मोदी सरकार से काफी उम्मीदें हैं। बजट से पहले उद्योग संगठनों एवं हित समूहों के साथ चर्चा के दौरान उठी मांगों में आयकर स्लैब में बदलाव की मांग प्रमुख रही है। माना जा रहा है कि इससे मध्य वर्ग को राहत मिलने की उम्मीद है। वहीं गरीबों पर सार्वजनिक व्यय बढ़ाने के साथ घरेलू विनिर्माण को प्रोत्साहन देने के उपायों की घोषणा भी की जा सकती है।
केंद्र सरकार का अगले साल होने वाले आम चुनाव से पहले आखिरी पूर्ण बजट है। ऐसे में माना जा रहा है कि मध्यवर्गीय परिवार को उम्मीद है। वित्त मंत्री के पिटारे में टैक्स छूट का तोहफा होगा। 2014 में तत्कालीन वित्त मंत्री अरुण जेटली ने इनकम टैक्सी की बेसिक छूट को 2 लाख से बढ़ाकर ढाई लाख कर दिया था। इस बार टैक्स पेयर्स को बेसिक छूट ढाई लाख से बढ़ाकर तीन लाख रुपये किये जाने की उम्मीद है।
बीते काफी समय मसे आयकर की धारा 80C की लिमिट में भी बदलाव नहीं हुआ है। जानकारों का मानना है कि इस बार सेक्शन 80C की लिमिट डेढ़ लाख से बढ़कर दो लाख की जा सकती है। सरकार की तरफ से फिलहाल 1.5 लाख रुपये तक के निवेश पर आयकर से छूट मिलती है। जानकारों का मानना है कि 80C में जरूरत से ज्यादा टैक्स विकल्पों की भरमार है। माना जा रहा है कि निवेश की लिमिट बढ़ाई जानी चाहिए।
बजट में आत्मनिर्भर भारत मुहिम को बढ़ावा देने के लिए सरकार कई बड़े ऐलान कर सकती है। 'मेक इन इंडिया' और 'वोकल फॉर लोकल' पर सरकार अपना फोकस बढ़ा सकती है। उम्मीद की जा रही है कि सरकार इनको बढ़ावा देने के लिए बजट में जिला स्तर पर एक्सपोर्ट हब बनाने के लिए कि साढ़े 4 हजार से लेकर 5 हजार करोड़ रुपये तक के फंड का ऐलान हो सकता है।
सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने की कोशिश में लगी हुई है। लेकिन बढ़ते इनपुट कॉस्ट की वजह से लोगों के लिए इलेक्ट्रिक व्हीक्ल्स महंगी साबित हो रही हैं। ऐसे में जब बैटरी और ईवी से जुड़े अन्य कॉम्पोनेंट्स की कीमतों में कमी की जाए, तभी इलेक्ट्रिक गाड़ियां सस्ती हो सकेंगी। ईवी के लिए लाई गई FAME पॉलिसी मार्च 2024 तक लागू है। ईवी पर फिलहाल लगभग पांच फीसदी जीएसटी है, लेकिन इसके कॉम्पोनेंट्स पर जीएसटी 18 से 28 फीसदी है। माना जा रहा है कि गाड़ियों की कॉस्ट कम करने के लिए ईवी को लेकर कुछ घोषणा हो सकती है।
पिछली बार बजट में वित्त मंत्री ने आयकर की धारा 80EEA के तहत ब्याज पर मिलने वाली 1.5 लाख रुपये की अतिरिक्त छूट को खत्म कर दिया था। धारा 24B के तहत होम लोन के ब्याज पर दो लाख रुपये की छूट मिलती है। इस बार उम्मीद है कि रियलएस्टेट सेक्टर के लिए सरकार सेक्शन 24B के तहत लिमिट बढ़ा सकती है।
कोरोना काल में जिस तरह से सेहत को लेकर लोगों में जागरुकता बढ़ी है और हेल्थ इंश्योरेंस वक्त की सबसे बड़ी जरुरत बन गया है। आम लोगों को उम्मीद है कि सरकार को बीमा के साथ साथ बजट में सरकार को महिलाओं और बच्चों की पढ़ाई और सेहत के लिए जरूर कुछ पहल करनी चाहिए।