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Budget 2024 : सस्ती दरों पर जयपुर, दिल्ली, भोपाल में मिलेगा घर, 10 लाख करोड़ की लागत से बनेंगे एक करोड़ शहरी आवास

Budget 2024 : वित्तमंत्री ने अपने बजट भाषण में कहा कि 30 लाख से अधिक जनसंख्या वाले 14 बड़े शहरों के लिए कार्यान्वयन और वित्तपोषण रणनीति के साथ आवागमन उन्मुखी विकास योजनाएं तैयार की जाएंगी।

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Budget 2024 : केंद्रीय बजट में आवास योजना शहरी 2.0 के तहत दस लाख करोड़ रुपये के निवेश से शहरी गरीबों और मध्‍यम वर्गीय आय वाले प‍रिवारों के लिए 1 करोड़ आवासों को पूरा करने का प्रावधान किया गया है। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट पेश करते हुए कहा कि पीएम आवास योजना के तहत शहरी आवास के विकास के लिए 10 लाख करोड़ का प्रावधान किया गया है। शहरी आवास योजना 2.0 के तहत सरकार एक करोड़ लोगों को आवास देगी।

वित्त मंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि इस योजना के अंतर्गत ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में तीन करोड़ अतिरिक्‍त आवास का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए आवश्‍यक धनराशि का प्रबंध बजट में किया जा रहा है। उन्‍होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 के अंतर्गत 10 लाख करोड़ रुपये के निवेश से एक करोड़ शहरी गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों की घर संबंधी जरूरतों को पूरा किया जाएगा। इसमें अगले पाँच वर्षों में 2.2 लाख करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता शामिल होगी। 100 बड़े शहरों के लिए जल आपूर्ति, सीवेज ट्रीटमेंट और ठोस अ‍पशिष्‍ट प्रबंधन परियोजनाओं एवं सेवाओं को बढ़ावा दिया जाएगा।

औद्योगिक कामगारों के लिए पीपीपी मोड पर डोरमेट्री

उन्होंने कहा कि औद्योगिक कामगारों के लिए वीजीएफ सहायता और एंकर उद्योगों की प्रतिबद्धता के साथ पीपीपी मोड में डोरमेट्री जैसे आवास वाले किराए के मकानों की सुविधा प्रदान की जाएगी। उन्‍होंने कहा कि इसके अलावा, अधिक उपलब्धता के साथ दक्ष और पारदर्शी किराए के आवास बाजारों के लिए समर्थकारी नीतियां तथा विनियम भी बनाए जाएंगे।

30 लाख से अधिक जनसंख्या वाले 14 बड़े शहरों के लिए विशेष योजना

वित्‍त मंत्री ने अपने बजट भाषण में कहा कि 30 लाख से अधिक जनसंख्या वाले 14 बड़े शहरों के लिए कार्यान्वयन और वित्तपोषण रणनीति के साथ आवागमन उन्मुखी विकास योजनाएं तैयार की जाएंगी। उन्होंने कहा कि सडक पर रेहड़ी-पटरी लगाने वाले दैनिक विक्रेताओं के जीवन में बदलाव लाने के उद्देश्‍य से पीएम स्वनिधि की सफलता के आधार पर, अगले पांच साल में प्रत्येक वर्ष चुनिंदा शहरों में 100 साप्ताहिक ‘बाजार’ या स्ट्रीट फूड हब के विकास में सहायता के लिए एक योजना की परिकल्पना की गई है।