
नई दिल्ली। तमिलनाडु के कुन्नूर में हेलिकॉप्टर क्रैश में घायल हुए ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह ( Captain Varun Singh ) ने भी दुनिया को अलविदा कर दिया। 8 दिसंबर को कुन्नूर में सीडीएस बिपिन रावत का हेलिकॉप्टर क्रैश हुआ था, इस हादसे में बिपिन रावत, उनकी पत्नी समेत 13 लोगों का निधन हो गया था। हादसे में सिर्फ वरुण सिंह ही अकेले बचे थे। बुधवार को वे जिंदगी की जंग हार गए। बीते एक हफ्ते से बेंगलुरु के अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। भारतीय एयरफोर्स ने ट्वीट कर यह जानकारी दी। वरुण का पूरा परिवार देश सेवा से जुड़ा है।
इसी वर्ष शौर्य चक्र से हुए थे सम्मानित
वरुण सिंह आर्मी फैमिली से ताल्लुक रखते थे। उनका परिवार दो पीढ़ी से देश की सेवा में लगा था। ये उनकी देशभक्ति और साहस का ही परिणाम था कि उन्हें के शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया था। यही नहीं उनके सैन्य कार्यों के लिए उन्हें कई बार सम्मानित भी किया जा चुका है।
यह भी पढ़ेँः हेलिकाप्टर हादसे में शामिल कैप्टन वरुण सिंह का भी निधन
परिवार से मिला देश भक्ति का जज्बा
तमिलनाडु के हेलिकॉप्टर क्रैश में गंभीर रूप से घायल होने के बाद भी एक हफ्ते तक वरुण सिंह जिंदगी से जंग लड़ते रहे। वो एक सच्चे यौद्धा थे। यौद्धा बनने के गुण उन्हें परिवार से ही विरासत में मिले। देश भक्ति का जज्बा उन्होंने अपने पिता से सीखा।
तीनों सेनाओं से जुड़ी फैमिली
ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह का परिवार तीनों सेनाओं से जुड़ा है- जल, थल और नभ। वरुण सिंह इंडियन एयरफोर्स ( IAF ) से हैं, जबकि उनके पिता रिटायर्ड कर्नल केपी सिंह आर्मी एयर डिफेंस (AAD) की रेजिमेंट में थे।
कर्नल केपी सिंह के दूसरे बेटे और ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह के छोटे भाई लेफ्टिनेंट कमांडर तनुज सिंह इंडियन नेवी में हैं।
फैमिली में कौन-कौन?
ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह दो बच्चों के पिता था। बड़ा बेटा जिसका नाम रिद रिमन है जबकि बेटी छोटी है जिसका नाम आराध्या है। वरुण सिंह की पत्नी का नाम गीतांजलि सिंह है। जब भी वरुण को ड्यूटी से वक्त मिलता वो परिवार के साथ समय बिताना पसंद करते थे। उन्हें लेकर रेस्त्रां में जाना या फिर किसी पर्यटन स्थल पर घूमना उन्हें पसंद था।
पत्नी से करना चाहते थे कुछ बात
वरुण सिंह हादसे के बाद भी होश में थे। दरअसल इलाज के लिए वेलिंगटन के मिलिट्री अस्पताल ले जाया गया है। चेन्नई से स्पेशलिस्ट डॉक्टर को बुलाकर उनका ऑपरेशन किया गया था। लेकिन सर्जरी से जाने से पहले वरुण ने अपनी पत्नी से बात करने की इच्छा जाहिर की थी। हालांकि उस वक्त ऑपरेशन जरूरी था लिहाजा बात नहीं हो पाई थी।
यह भी पढ़ेँः CDS Bipin Rawat हेलिकॉप्टर क्रैश के बाद भी थे जिंदा, हिंदी में कही थी कुछ बात, बचावकर्मी ने सुनाई आंखों देखी
इस साहस के लिए मिला था शौर्य सम्मान
ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह को इसी वर्ष गालंट्री अवॉर्ड मिला था। उन्हें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया था। उन्हें यह सम्मान 2020 में एक हवाई आपातकाल के दौरान अपने LCA तेजस लड़ाकू विमान को बचाने के लिए दिया गया था। वरुण ने 10 हजार फीट की ऊंचाई से तेजस विमान की सफल लैंडिंग कराते समय धैर्य नहीं खोया था।
Published on:
15 Dec 2021 02:46 pm
बड़ी खबरें
View Allबिहार चुनाव
राष्ट्रीय
ट्रेंडिंग
