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नेशनल स्टॉक एक्सचेंज की पूर्व CEO चित्रा रामकृष्ण के खिलाफ CBI ने जारी किया लुकआउट नोटिस

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (National Stock Exchange) की पूर्व CEO चित्रा रामकृष्ण (Chitra Ramkrishna) की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने शुक्रवार को उनके खिलाफ लुकआउट नोटिस सर्कुलर जारी कर दिया है। एक दिन पहले ही आयकर विभाग (Income tax Department) ने टैक्स चोरी की जांच के तहत रामकृष्ण के परिसरों पर छापा मारा था।

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CBI issues lookout circular against former NSE head Chitra Ramkrishna

CBI issues lookout circular against former NSE head Chitra Ramkrishna

केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने शुक्रवार को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज की पूर्व CEO चित्रा रामकृष्ण (Chitra Ramkrishna) के खिलाफ कथित अनियमितताओं को लेकर लुकआउट सर्कुलर जारी किया है। दरअसल एक दिन पहले ही आयकर विभाग (Income tax Department) ने टैक्स चोरी की जांच के तहत रामकृष्ण के परिसरों पर छापे मारी की थी। इसके अलावा एक अन्य पूर्व CEO रवि नारायण और पूर्व COO आनंद सुब्रमण्यम के खिलाफ भी लुकआउट सर्कुलर जारी किए गए हैं। बता दें कि शुक्रवार को सीबीआई की टीम मुंबई में चित्रा रामकृष्ण से पूछताछ भी कर रही है।


नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (National Stock Exchange) की पूर्व CEO चित्रा रामकृष्ण के खिलाफ शिकंजा कसता ही चला जा रहा है। सीबीआई ने चित्रा रामकृष्ण, आनंद सुब्रमण्यम और रवि नारायण (NSE के पूर्व प्रबंध निदेशक) के खिलाफ लुक आउट सर्कुलर जारी किया है। यह कार्रवाई 2018 में दर्ज हुई शिकायत के आधार पर हो रही है।

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दरअसल सेबी के आदेश के मुताबिक सामने आए हालिया फैक्ट के आधार पर 2018 में दर्ज हुई FIR के विस्तार के तहत ये कार्रवाई की जा रही है।’


बता दें कि चित्रा रामकृष्ण NSE के समूह ऑपरेटिंग अधिकारी और प्रबंध निदेशक के सलाहकार के रूप में आनंद सुब्रमण्यम की नियुक्ति को लेकर भी अनियमितताओं के आरोपों का सामना कर रही हैं।


ये है मामला


चित्रा रामकृष्ण 2013 और 2016 के बीच नेशनल स्टॉक एक्सचेंज की प्रबंध निदेशक और CEO थीं। CBI की जांच एक अन्य घोटाले से संबंधित है, जो रामकृष्ण के कार्यकाल के दौरान सामने आया था। ये आरोप लगाया गया था कि कुछ व्यापारियों को NSE की को-लोकेशन फैसिलिटी के लिए तरजीही पहुंच मिली।


ये लोग जल्दी लॉग इन कर पाते थे। इसके अलावा, एक्सचेंज में डेटा फीड के लिए स्प्लिट-सेकंड एक्सेस प्राप्त करते थे।

ये भी लगा आरोप

यह भी आरोप लगाया गया था कि एक्सचेंज डेटा तक पहुंचने के लिए कुछ व्यापारियों के पास कई आईपी एड्रेस थे। इन्हीं आरोपों कोलेकर अब सीबीआई इस मामले में जांच कर रही है, जबकि आयकर विभाग भी अनियमितताओं को लेकर छापेमारी कर रहा है।

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