
Electoral bonds: केंद्र सरकार ने फिर खोली चुनावी बॉण्ड की बिक्री
नई दिल्ली। चुनावी चंदे में पारदर्शिता के उद्देश्य से छह साल पहले लाई गई चुनावी बॉण्ड योजना के तहत केंद्र सरकार ने एक बार फिर चुनावी बॉण्ड की बिक्री खोली है। योजना लागू होने के 28वें चरण के तहत कोई भी भारतीय नागरिक किसी भी राजनीतिक दल के लिए आगामी 4 से 13 अक्टूबर तक बॉण्ड खरीद सकेगा और सियासी दल इसे भुना सकेंगे।
केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने शुक्रवार को अधिसूचना जारी कर चुनावी बॉण्ड जारी करने और भुनाने के लिए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की देशभर में स्थित 29 शाखाओं को अधिकृत किया है। ये शाखाएं प्रत्येक राज्य या संघ शासित प्रदेश की राजधानी में हैं। हरेक राजधानी में स्थित एसबीआई की एक एक शाखा को चुनावी बॉण्ड जारी करने के लिए अधिकृत किया गया है।
वित्त मंत्रालय की ओर से बताया गया है कि इलेक्टोरल बॉण्ड जारी करने की तिथि से पन्द्रह कैलेण्डर दिवस के लिए वैध होंगे। इसकी वैध अवधि समाप्ति के बाद जमा किए जाने वाले किसी भी आदाता राजनीतिक दल के लिए कोई भुगतान नहीं किया जाएगा। पात्र राजनीतिक दल की ओर से अपने खाते में जमा करवाया गया इलेक्टोरल बॉण्ड उसी दिन उसके खाते में क्रेडिट कर दिया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार ने 2 जनवरी 2018 को अधिसूचना जारी कर इलेक्टोरल बॉण्ड योजना जारी की थी। इसके बाद इसमें गत वर्ष 7 नवम्बर को कुछ संशोधन भी किया गया। योजना के प्रावधानों के अनुसार कोई भी भारतीय नागरिक एकल या संयुक्त रूप से यह बॉण्ड खरीद कर किसी राजनीतिक दल को दे सकता है।
ये पार्टियां भुना सकती हैं बॉण्ड
लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 (1951 का 43) की धारा 29क के तहत पंजीकृत राजनीतिक दल या लोकसभा अथवा विधानसभा चुनाव में डाले गए कुल वोटों का कम से कम एक प्रतिशत वोट हासिल करने वाली पार्टियां ये बॉण्ड भुना सकती है। इन पार्टियों को इनके प्राधिकृत बैंक के निर्दिष्ट बैंक खाते के माध्यम से ही भुगतान किया जाता है।
Published on:
29 Sept 2023 09:45 pm
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