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Omicron के खतरे के बीच कब लगेगी बूस्टर डोज? जानिए दिल्ली हाईकोर्ट में केंद्र सरकार ने क्या दी जानकारी

Omicron केंद्र सरकार ने दिल्ली हाईकोर्ट में कोरोना वैक्सीनेशन की बूस्टर डोज पर हुई सुनवाई के दौरान एक शॉर्ट एफिडेविट फाइल किया। इसमें केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रतिरक्षा विभाग के डिप्टी डायरेक्टर राम केश की ओर से कहा गया कि सरकार की प्राथमिकता अभी देश की पूरी आबादी को वैक्सीन की दोनों डोज देना है।

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Dheeraj Sharma

Dec 14, 2021

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नई दिल्ली। कोरोना वायरस ( Coronavirus ) संकट के बीच ओमिक्रॉन वैरिएंट ( Omicron Variant ) ने भी चिंताएं बढ़ा दी हैं। देश के आठ राज्यों में ओमिक्रॉन वैरिएंट से संक्रमित केस सामने आ चुके हैं। ऐसे में केंद्र से लेकर राज्य सरकार तक सब अलर्ट पर हैं। कोरोना के इस वैरिएंट से बचाव के लिए वैक्सीनेशन के साथ-साथ अब बूस्टर डोज लगाए जाने की मांग भी तेजी से बढ़ रही है। इस बीच केंद्र सरकार ने बताया है कि देश में बूस्टर डोज कब से लग सकती है।

दरअसल दिल्ली हाईकोर्ट में मंगलवार को कोरोनावायरस वैक्सीन की दोनों डोज लगवा चुके लोगों के लिए बूस्टर डोज ( Booster Dose ) लगवाने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान केंद्र ने अदालत में एक हलफनामा दाखिल किया है। जिसमें बताया बूस्टर डोज को लेकर जानकारी दी गई है।

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केंद्र सरकार ने दिल्ली हाईकोर्ट ( Delhi High Court )में कोरोना वैक्सीनेशन की बूस्टर डोज पर हुई सुनवाई के दौरान एक शॉर्ट एफिडेविट फाइल किया। इसमें केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रतिरक्षा विभाग के डिप्टी डायरेक्टर राम केश की ओर से कहा गया कि सरकार की प्राथमिकता अभी देश की पूरी आबादी को वैक्सीन की दोनों डोज देना है।

ऐसे में सरकार तेजी से वैक्सीनेशन की रफ्तार बढ़ाने में जुटी है। मौजूदा समय में 90 फीसदी से ज्यादा लोगों को कोरोना वैक्सीन पहली खुराक लग चुकी है।

केंद्र सरकार ने कहा कि बूस्टर डोज को लेकर देश में दो ग्रुप काम कर रहे हैं। NTAGI और NEGVAC ये दो एक्सपर्ट बॉडी इसके वैज्ञानिक प्रमाणों पर विचार कर रही हैं।

इसके बाद बूस्टर डोज की जरूरत और औचित्य के रूप में वैक्सीनेशन के बूस्टर डोज के शेड्यूल पर विचार किया जाएगा।

साथ ही सरकार ने कोर्ट को ये भी जानकारी दी कि मौजूदा समय में वैक्सीनेटेड लोगों को भी बूस्टर डोज देने के कोई दिशा निर्देश नहीं हैं।

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वैक्सीन से इम्युनिटी पर ज्यादा जानकारी नहीं
जस्टिस विपिन सांघी और जसमीत सिंह की पीठ ने मामले की सुनवाई की। इस दौरान सरकार ने कई बातों को लेकर जानकारियां दीं। केंद्र सरकार के मुताबिक भारत में कोविड वैक्सीन की ओर से मिलने वाली इम्युनिटी की अवधि के बारे में फिलहाल जानकारी सीमित ही है।