
Bengaluru : सोशल मीडिया आज के टाइम पर बातचीत करने, कनेक्शन बनाने के लिए काफी यूज किया जाता है। दुनिया में, कईं लोगों को हर दिन सोशल मीडिया यूज करने की आदत सी हो गयी है। ज़्यादातर समय, लोग दूसरों से जुड़ने, या कोई भी जानकारी पाने के लिए भी सोशल मीडिया का यूज करते हैं। सोशल मीडिया हम अक्सर पोस्ट करके अपनी खुशियां या दुःख साँझा करते हैं और ऐसा ही बेंगलुरु स्थित एक कंपनी की सीईओ अनुराधा तिवारी ने अपने सोशल मीडिया हैंडल X पर एक पोस्ट डाला जो काफी वायरल हो रहा है। जिसमें वह नारियल पानी पीते हुए अपनी ट्राइसेप्स को फ्लेक्स करती हुई दिख रही हैं, जिस पर कैप्शन लिखा है "ब्राह्मण जीन्स।" इसके बाद अनुराधा तिवारी कई विवादों से घिर गई। इस कैप्शन "ब्राह्मण जीन्स" के बाद कईं यूजर्स में गुस्सा देखने को मिल रहा है। लोगों का मनना है कि वह इस पोस्ट के जरिए जातिवाद को बढ़ावा दें रहीं हैं। वहीं कुछ ऐसे भी हैं जो अनुराधा तिवारी का समर्थन कर रहें हैं।
अनुराधा तिवारी बेंगलुरु की एक एंटरप्रेन्योर हैं। वह जस्टबर्स्ट आउट नामक एक कंटेंट राइटिंग एजेंसी की फाउंडर हैं। वह एक TEDx स्पीकर भी हैं। तिवारी को 2014 में इंडिया टुडे द्वारा भारत के आठ यूनिक उद्यमियों में से एक के रूप में मान्यता दी गई थी। उन्होंने अपोलो हॉस्पिटल्स, रेनबो हॉस्पिटल्स, नारायण हेल्थ, एमिटी यूनिवर्सिटी, केयर हॉस्पिटल्स, अपग्रेड, नॉलेजहट और वेदांतु सहित 100 से अधिक वैश्विक कंपनियों को उनकी डिजिटल उपस्थिति और उपयोगकर्ता वृद्धि बढ़ाने में सहायता की है। तिवारी के क्वोरा पर एक लाख से अधिक तथा एक्स पर लगभग 60,000 फॉलोअर्स हैं। दिल्ली की रहने वाली तिवारी ने उद्यमिता में कदम रखने से पहले मैकेनिकल इंजीनियर के रूप में अपना करियर शुरू किया था।
https://twitter.com/talk2anuradha/status/1826946270210003270?ref_src=twsrc%5Etfw%7Ctwcamp%5Etweetembed%7Ctwterm%5E1826946270210003270%7Ctwgr%5Ee5db2450bb813536bb0405c7cd317aec0b6c378c%7Ctwcon%5Es1_c10&ref_url=https%3A%2F%2Fhindi.economictimes.com%2Fnews%2Fwho-is-anuradha-tiwari-ceo-of-bengaluru-trolled-by-writing-brahmin-genes-in-the-post%2Farticleshow%2F112823775.cms
पोस्ट के विवाद में घिर जाने के बाद अनुराधा तिवारी ने पोस्ट करते हुए लिखा कि "ब्राह्मण" शब्द के मात्र उल्लेख से इतनी तीव्र प्रतिक्रिया हुई। अनुराधा ने तर्क दिया कि उनके समुदाय, जिसे आरक्षण या सरकारी सहायता का लाभ नहीं मिलता है, को अपनी उपलब्धियों पर गर्व करने का पूरा अधिकार है। "यूसी [उच्च जाति] को सिस्टम से कुछ नहीं मिलता - न आरक्षण, न ही कोई मुफ्त चीजें, हम सब कुछ अपने दम पर कमाते हैं और हमें अपने वंश पर गर्व करने का पूरा अधिकार है।
Published on:
27 Aug 2024 12:42 pm
बड़ी खबरें
View Allबिहार चुनाव
राष्ट्रीय
ट्रेंडिंग
