
Chandrayaan-3
भारत के अंतरिक्षयान चंद्रयान -3 अब कुछ ही घंटों में चंद्रमा की सतह पर होगा। इसके साथ ही भारत चंद्रमा के साउथ पोल पर अपना स्पेसक्राप्ट उतारने वाला विश्व का पहला देश बन जाएगा। मिशन को लेकर जितना उत्साह और रोमांच है उतना ही चांद पर उतरना जटिल और मुश्किल। चांद पर लैंडिंग के लिए भेजे जाने वाले मिशनों की सफलता दर महज 35 फीसदी के आसपास है। जब चंद्रयान कीर्तिमान स्थापित कर रहा होगी, तब देश पीएम नरेंद्र मोदी वैज्ञानिकों का उत्साह बढ़ाने के लिए देश में नहीं होंगे। हालांकि पीएम मोदी इसरो के वैज्ञानिकों से हर वक्त संपर्क में हैं।
23 को सफल लैंडिंग का इंतजार
चंद्रयान-3 के दूसरे डिबूस्टिंग ऑपरेशन (रफ्तार कम करने की प्रक्रिया) ने ऑर्बिट को 25 किमी x 134 किमी तक कम कर दिया है। अब चांद की सतह से विक्रम लैंडर मात्र 25 किलोमीटर है। अब बस 23 अगस्त को इसके सफल लैंडिंग का इंतजार है। लैंडिंग से पहले मॉड्यूल को आंतरिक जांच से गुजरना होगा। इसरो साइंटिस्ट्स का मानना है कि इस बार लैंडर विक्रम सफलतापूर्वक चांद की सतह पर लैंड हो जाएगा। भारतीय स्पेस एजेंसी ने चंद्रयान-3 के साफ्ट लैंडिग की तारीख और समय का ऐलान कर दिया है। अगर सबकुछ ठीक रहा तो, चंद्रयान-3 23 अगस्त को शाम 5 बजकर 47 मिनट पर चंद्रमा की सतह पर लैंड हो जाएगा, इसके साथ भारतीय स्पेस सेक्टर इतिहास रच देगा।
यह भी पढ़ें:23 को नहीं हुई Chandrayaan-3 की साफ्ट लैंडिंग तो, 27 को उतारा जाएगा मिशन मून
Updated on:
22 Aug 2023 11:00 am
Published on:
22 Aug 2023 10:59 am
बड़ी खबरें
View Allबिहार चुनाव
राष्ट्रीय
ट्रेंडिंग
